मुंबई : सुबह से ही भारत के शेयर बाजार पर भारी दबाव देखा जा रहा है। मंगलवार को दोपहर साढ़े 12 बजे तक BSE Sensex में 1000 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। NIFTY 50 की स्थिति भी वैसी ही रही। उसी समय निफ्टी 279 अंक गिरकर स्ट्रॉन्ग सपोर्ट जोन 25,400 के आसपास पहुंच गया।
24 फरवरी को दोपहर पौने 1 बजे तक सेंसेक्स लगभग 1100 अंक गिर गया। निफ्टी 300 से अधिक अंक गिरा, जबकि बैंक निफ्टी 250 अंक नीचे गया। मिड कैप और स्मॉल कैप इंडेक्स में भी बड़ी गिरावट देखी गई।
सूचक क्यों गिर रहा है?
इस दिन कई कारणों से सूचकांक में गिरावट देखी जा रही है, जैसा कि विभिन्न रिपोर्टों में बताया गया है।
अमेरिका का टैरिफ :
पिछले सप्ताह अमेरिका की Supreme Court of the United States ने ट्रंप के टैरिफ को रद्द कर दिया था। लेकिन ट्रंप प्रशासन नए टैरिफ लगाने के विचार से पीछे नहीं हट रहा है। संभावित आक्रामक टैरिफ लगाने की आशंका का असर शेयर बाजार पर पड़ा है। Bloomberg की रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप प्रशासन का मानना है कि ट्रेड एक्सपेंशन एक्ट के तहत नया टैरिफ लागू किया जा सकता है। निवेशक इस माहौल में ट्रंप के कदमों पर नजर रखे हुए हैं।
अमेरिका-ईरान संबंध :
पश्चिम एशिया की राजनीतिक स्थिति अस्थिर है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव किस दिशा में बढ़ता है, यह निवेशकों की निगाह में है। वर्तमान में लगभग युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है। अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य हमला करने की चेतावनी दी है। इसी बीच दोनों देशों के बीच परमाणु समझौते पर भी बातचीत चल रही है।
डॉलर की बढ़ती कीमत :
डॉलर के मूल्य में वृद्धि से इमर्जिंग मार्केट्स (जैसे भारत का बाजार) पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। डॉलर की कीमत बढ़ने पर विदेशी मुद्रा बड़ी मात्रा में देश से बाहर जाती है। लगातार डॉलर की बढ़त से भारत के शेयर बाजार में विदेशी निवेश पर भी असर पड़ सकता है।
अपरिष्कृत तेल की कीमत में वृद्धि :
मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपरिष्कृत तेल की कीमत 1 प्रतिशत बढ़ी। यह पिछले 6 महीनों में प्रति बैरल सबसे उच्च स्तर पर पहुंची। इस कीमत वृद्धि का नकारात्मक असर बाजार पर पड़ा।
आईटी शेयरों में बिकवाली का दबाव :
आईटी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का दबाव लगातार बढ़ रहा है। टेक सेक्टर में यह दबाव पूरे शेयर बाजार में अस्थिरता पैदा कर रहा है। फरवरी माह में आईटी इंडेक्स कम से कम 20 प्रतिशत गिर चुका है। एआई के प्रभाव की वजह से आईटी इंडस्ट्री किस दिशा में जाएगी, इसे लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
(समाचार एई समय कहीं भी निवेश की सलाह नहीं देता। शेयर बाजार या किसी भी क्षेत्र में निवेश जोखिम के अधीन है। निवेश से पहले उचित अध्ययन और विशेषज्ञ की सलाह लेना आवश्यक है। यह खबर केवल शैक्षणिक और जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।)