मुंबई : टाटा ग्रुप के चेयरपर्सन पद पर क्या एन. चंद्रशेखरन रहेंगे? इस फैसले को आज टाटा संस बोर्ड लेगा। 24 फरवरी, मंगलवार को टाटा संस के बोर्ड की बैठक होगी। वहीं तय किया जाएगा कि एन. चंद्रशेखरन फिर से चेयरमैन पद पर रहेंगे या नहीं। यदि वही इस पद पर रहते हैं, तो वह तीसरी बार टाटा ग्रुप का नेतृत्व करेंगे। इस स्थिति में एन. चंद्रशेखरन यानी नटराजन चंद्रशेखरन टाटा ग्रुप के शीर्ष पर 2032 तक बने रहेंगे। फिलहाल टाटा संस और टाटा ग्रुप के चेयरपर्सन के रूप में उनका कार्यकाल 2027 तक है।
उनका टाटा समूह के साथ लंबा जुड़ाव है। वह टीसीएस के सीईओ और कार्यकारी निदेशक रह चुके हैं। इसके अलावा टाटा मोटर्स और टाटा ग्लोबल बेवरेजेस के चेयरमैन पद पर भी उन्होंने कार्य किया।
Tata Sons टाटा की सभी कंपनियों की मूल होल्डिंग कंपनी या पेरेंट एंटिटी है। इसके अधिकांश शेयर फिर Tata Trusts के पास हैं। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार टाटा ट्रस्ट के प्रतिनिधि जैसे नोएल टाटा, बेनू श्रीनिवासन और अन्य एन. चंद्रशेखरन का समर्थन कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में टाटा ग्रुप ने कई बड़े कदम उठाए हैं। उन्होंने भूषण स्टील, बिग बास्केट जैसी कंपनियों का अधिग्रहण किया और एयर इंडिया का अधिग्रहण भी किया।
भविष्य में व्यवसाय के क्षेत्र में कई बदलाव आने वाले हैं। टाटा ग्रुप की सबसे लाभकारी कंपनी टीसीएस है, जो उनकी आईटी कंपनी है। एआई की दुनिया में आईटी कंपनियां कैसे आगे बढ़ेंगी, इसे लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। वहीं, बैटरी इंडस्ट्री और सेमीकंडक्टर चिप निर्माण के क्षेत्र में टाटा ग्रुप ने कदम बढ़ाना शुरू कर दिया है। कुल मिलाकर आने वाले वर्षों में व्यवसाय की दिशा में कई बदलाव हो सकते हैं। यही कारण है कि लंबे समय तक जिस नेता के नेतृत्व में टाटा समूह आगे बढ़ा है, टाटा संस के बोर्ड के सदस्य उनके हाथ में नेतृत्व बनाए रखने पर विचार कर सकते हैं।