नई दिल्ली। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को जोर देकर कहा कि भारत के चाय क्षेत्र को उच्च गुणवत्ता बनाए रखने के लिए टिकाऊ प्रथाएं अपनानी होंगी, जिम्मेदार श्रम मानकों का पालन करना होगा और ट्रैसेबिलिटी सिस्टम को मजबूत करना होगा। उन्होंने अधिकतम अवशेष स्तर (MRLs) को कम रखने पर भी जोर दिया।
चाय क्षेत्र पर आयोजित एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "टिकाऊ प्रथाएं, जिम्मेदार श्रम मानक और निरंतर नवाचार उच्च गुणवत्ता वाली चाय और कम MRL स्तर बनाए रखने के लिए आवश्यक हैं।"
मंत्री ने चाय आपूर्ति श्रृंखला में संपूर्ण ट्रैसेबिलिटी की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि तोड़ाई, प्रसंस्करण, पैकेजिंग से लेकर निर्यात तक हर चरण में भारतीय चाय की अखंडता की रक्षा होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि मजबूत ट्रैसेबिलिटी भारत की वैश्विक चाय नेता के रूप में प्रतिष्ठा को सुरक्षित रखेगी। अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के बीच भरोसा बढ़ाएगी और किसानों तथा छोटे उत्पादकों को बेहतर मूल्य दिलाने में मदद करेगी।