नयी दिल्लीः एक हजार रुपये से कम कीमत के सामान पर अमेज़न इंडिया रेफरल फीस नहीं लेगा। इस साल 31 दिसंबर तक यह फीस न लेने की घोषणा अमेज़न की तरफ से की गई है। भारत के बाजार में अमेज़न की प्रतिद्वंद्वी फ्लिपकार्ट ने भी हाल ही में यह घोषणा की है। ई-कॉमर्स जायंट अमेज़न भी उसी रास्ते पर चला है।
रेफरल फीस एक प्रकार का चार्ज है, जो विक्रेता से विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म लेते हैं। यानी अमेज़न, फ्लिपकार्ट जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से आप कोई सामान बेचना चाहते हैं तो वे कंपनियां आपसे रेफरल फीस के रूप में पैसे लेंगी।
हर लेनदेन के लिए विक्रेताओं से अमेज़न 2 प्रतिशत से 16.5 प्रतिशत तक रेफरल फीस लेता है। उत्पाद की कीमत, बिक्री की मात्रा के आधार पर यह फीस बदल सकती है। लेकिन 1000 रुपये से कम कीमत के प्रोडक्ट के लिए हाल ही में जीरो कमीशन पॉलिसी की घोषणा फ्लिपकार्ट ने की है। अमेज़न ने 30 नवंबर तक यह सुविधा देने की बात कही थी। लेकिन हाल ही में इसे बढ़ाकर 31 दिसंबर कर दिया गया। यानी 1 हजार रुपये से कम कीमत के प्रोडक्ट की बिक्री के लिए अमेज़न, फ्लिपकार्ट कोई भी रेफरल फीस के रूप में पैसे नहीं लेंगे। इसके साथ ही विक्रेताओं के लिए रिटर्न फीस 35 रुपये तक कम करने की घोषणा फ्लिपकार्ट ने की है।
ऐसा माना जा रहा है कि देश के इन दो ई-कॉमर्स जायंट के इस कदम से बहुत से खरीदार-विक्रेता को फायदा होगा । रेफरल फीस न देनी पड़े तो विक्रेताओं का लाभ मार्जिन बढ़ेगा। इसके साथ ही यह फीस न होने से कुछ उत्पादों की कीमत कम होने की संभावना भी है।