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नासा का आर्टेमिस II मिशन सफलतापूर्वक पूरा, मुस्कुराते हुए कैप्सूल से बाहर आए अंतरिक्ष यात्री

शनिवार की सुबह 4 अंतरिक्ष यात्रियों समेत 'ओरियन' स्पेसक्राफ्ट प्रशांत महासागर में सुरक्षित उतर गया।

By Moumita Bhattacharya

Apr 11, 2026 10:14 IST

NASA का आर्टेमिस II मिशन सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। लंबे इंतजार के बाद इंसान के कदम चांद की तरफ बढ़े। सभी अंतरीक्षयात्रियों की सुरक्षित वापसी के साथ ही इस मिशन ने नई मिसाल भी कायम कर दी है। इस मिशन के तहत नासा ने अपने 4 अंतरिक्ष यात्रियों को धरती से करीब 4 लाख किलोमीटर से अधिक की दूरी पर मौजूद चंद्रमा के निकट पहुंचाया और उन्हें सफलतापूर्वक वापस धरती पर लैंड भी करवा लिया गया है। इसे अब तक की सबसे लंबी मानव अंतरिक्ष यात्रा मानी जा रही है।

लगभग हर अंतरिक्ष मिशन की तरह ही इस मिशन का भी सबसे चुनौतीपूर्ण चरण वापसी का था। शनिवार की सुबह (अमेरिकी समयानुसार शुक्रवार की रात को 8.07 मिनट) 4 अंतरिक्ष यात्रियों समेत 'ओरियन' स्पेसक्राफ्ट (Orion Spacecraft) कैलीफोर्निया सन डिएगो समुद्रतट पर प्रशांत महासागर में उतरा। बताया जाता है कि अंतरिक्षयान को स्प्लैश डाउन करके उतारा गया। गौरतलब है कि पहले चंद्राभियान के 50 सालों बाद यह मिशन चलाया गया था।

जिस समय ओरियन स्पेसक्राफ्ट पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश कर रहा था, उसकी रफ्तार 40,000 किलोमीटर प्रति घंटा से भी अधिक थी। इतनी तेज रफ्तार की वजह से स्पेसक्राफ्ट के चारों तरफ आग की एक चमकदार परत भी बन गयी थी लेकिन अत्याधुनिक हीट शिल्ड होने की वजह से अंतरिक्ष यात्रियों को कोई नुकसान नहीं हुआ।

ओरियन स्पेसक्राफ्ट का समुद्र में करवाया गया स्प्लैशडाउन

अंतरिक्ष स्पेसक्राफ्ट ओरियन को प्रशांत महासागर में स्प्लैशडाउन (Splashdown) करवाया गया। इस अभियान पर जो अंतरिक्ष यात्री गए थे, उनमें शामिल थे : -

  1. रीड वाइसमैन (Reid Wiseman)
  2. विक्टर ग्लोवर (Victor Glover)
  3. क्रिस्टीना कोच (Christina Koch)
  4. जेरेमी हैनसन (Jeremy Hansen)

आर्टेमिस II के कमांडर रीड वाइसमैन ने पुष्टी करते हुए बताया चारों अंतरिक्षयात्री स्वस्थ हैं। उन्होंने इस मिशन को 'एक असाधारण यात्रा' करार दिया है। वहीं ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी बधाई दी है। उन्होंने इसे गौरव का दिन बताया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि चांद पर इंसान को भेजने का मिशन सफल होने के बाद अब अगला लक्ष्य मंगलग्रह होने वाला है।

नासा के आर्टेमिस II लैंडिंग एंड रिकवरी डायरेक्टर लीलीयाना वीयारियल ने बताया कि समुद्र में लैंड करन के 2 घंटे बाद अंतरिक्ष यात्रियों को कैप्सूल से बाहर निकाला गया। इसके बाद उन्हें अमेरिकी नौसेन के जहाज से USS जॉन पी मार्थर मेडिकल बे में पहुंचा दिया गया। बाद में उन्हें ह्यूस्टन स्थित जॉनसन स्पेस सेंटर ले जाया गया।

बता दें, गत 1 अप्रैल को फ्लोरिडा (Florida) से इस अंतरिक्ष अभियान की शुरुआत की गयी थी। आर्टेमिस II का लक्ष्य अंतरिक्ष में इंसान के रहने की क्षमता की परख करना था। इसके साथ ही वहां लाइफ सपोर्ट, नेविगेशन और संपर्क व्यवस्था की जांच करना भी था। हालांकि इस मिशन में अंतरिक्ष यात्रियों ने चांद पर कदम नहीं रखा था बल्कि चांद के चारों तरफ चक्कर लगाकर वापस लौट आए हैं। अपने इस अभियान के दौरान चांद की धरती पर कम से कम 6 उल्का वृष्टि की झलक देखने को मिली।

बताया जाता है कि आर्टेमिस II अभियान साल 2028 में चांद के दक्षिण ध्रुव पर इंसान को पहुंचाने के अभियान का ही एक हिस्सा है। इसे नासा के अगले चंद्राभियान (आर्टेमिस III) को सफल बनाने की दिशा में उठाया गया एक कदम माना जा रहा है। नासा का दावा है कि वे इस अभियान में सफल भी हुए हैं।

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