🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

टाइगर स्टेट मध्य प्रदेश बन रहा है तेंदुओं का 'कब्रिस्तान'! RTI में चौंकाने वाला खुलासा, 14 महीनों में हुई 149 मौतें

वन विभाग इन मौतों को स्वीकार्य सीमा बता रहा है लेकिन वन्यजीव कार्यकर्ता इसके गंभीर परिस्थिति करार दे रहे हैं।

By Moumita Bhattacharya

Apr 11, 2026 11:04 IST

मध्य प्रदेश जो अपने वन्य जीव और जंगलों के लिए जाना जाता है, वहां से चौंकाने वाली तस्वीर सामने आयी है। सूचना का अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले 14 महीनों में राज्य में कुल 149 तेंदुओं की मौत हो गयी है। यह आंकड़ा ऐसे समय में सामने आया है जब मध्य प्रदेश देशभर में तेंदुओं की सबसे अधिक आबादी वाले राज्य के तौर पर अपनी पहचान बना रहा है। हालांकि वन विभाग इन मौतों को स्वीकार्य सीमा बता रहा है लेकिन वन्यजीव कार्यकर्ता इसके गंभीर परिस्थिति करार दे रहे हैं।

अब तक 149 तेंदुओं की मौत

प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक जनवरी 2025 से लेकर अब तक मध्य प्रदेश में विभिन्न कारणों से 149 तेंदुओं की मौत हो गयी है। RTI से प्राप्त आंकड़ों में बताया गया है कि इन तेंदुओं की मौत की वजह सड़क दुर्घटना, प्राकृतिक कारण, आपसी संघर्ष और अवैध शिकार बताया गया है। आंकड़ों के अनुसार सबसे ज्यादा 31% मौतें सड़क दुर्घटना का शिकार बनने की वजह से हुई है। 149 में से 19 तेंदुओं की जान हाईवे पर सड़क दुर्घटना में गयी है।

फाइल फोटो ANI

क्यों और कैसे हुई तेंदुओं की मौत?

24% तेंदुओं की मौत बुढ़ापा और बीमारी के कारण

21% तेंदुओं की मौत आपसी संघर्ष में

14% तेंदुए अवैध शिकार जैसे मामलों में मारे गए

8 तेंदुए बिजली का झटका लगने से मारे गए

9% तेंदुओं की मौत का कारण अज्ञात

बता दें, मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार साल 2018 में राज्य में तेंदुओं की आबादी 3,421 थी वहीं 2022 में यह संख्या 3,907 पर पहुंच गयी है। हालांकि आबादी तो बढ़ती जा रही है लेकिन इसके साथ ही खतरा भी बढ़ रहा है। इस बारे में मीडिया से बात करते हुए अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एल. कृष्णमूर्ति ने बताया कि राज्य में तेंदुओं की मृत्यु दर को कम करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि तेंदुए फुर्तीले और आकार में बाघों की तुलना में छोटे होते हैं। ये मानव बस्तियों के ज्यादा करीब पाए जाते हैं इसलिए जोखिम भी बना रहता है। वन विभाग ने इन मौतों को लेकर तर्क दिया है कि लगभग 4000 तेंदुओं की आबादी में 149 मौतें करीब 4% के बराबर है। जो इन 'बड़ी बिल्लियों' की मौत के स्वीकार्य सीमा के अंदर है।

Articles you may like: