देहरादून: यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास कर आईएएस बनने का सपना लेकर बिहार का एक युवक अपने माता-पिता के साथ मसूरी पहुंचा था लेकिन लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) में ट्रेनिंग की पूछताछ के दौरान उसे पता चला कि उसका रिजल्ट पूरी तरह फर्जी है।
अकादमी अधिकारियों के अनुसार, शनिवार को बिहार के सारण जिले का निवासी पुष्पेश सिंह फर्जी रिजल्ट के आधार पर ट्रेनिंग जॉइन करने पहु्ंचा था। दस्तावेज़ों की जांच के दौरान मामला सामने आते ही अकादमी ने पुलिस को सूचित किया। इसके बाद पुलिस और इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि पुष्पेश गुरुग्राम की एक प्राइवेट फर्म में काम करता था। अधिकारियों का कहना है कि वह यूपीएससी परीक्षा के फर्जी रिजल्ट से जुड़ी ठगी का शिकार हुआ है। पुष्पेश का दावा है कि दस्तावेज सत्यापन के समय ही उसे पहली बार पता चला कि उसका रिजल्ट नकली है।
पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि गुरुग्राम में उसकी कुछ लोगों से पहचान हुई थी। आरोप है कि सिविल सेवा परीक्षा और इंटरव्यू में चयन कराने के नाम पर उनसे पहले 13,000 रुपये नकद और बाद में UPI के जरिये 14,564 रुपये लिए गए। इसके बाद व्हाट्सऐप पर उसे यूपीएससी चयन का फर्जी रिजल्ट भेजा गया, जिसमें मसूरी स्थित अकादमी में ट्रेनिंग जॉइन करने का निर्देश दिया गया था। अभिभावकों के साथ जब वह अकादमी पहु्ंचा, तब अधिकारियों को पूरे फर्जीवाड़े का पता चला। सूचना मिलते ही मसूरी पुलिस, स्थानीय जांच एजेंसियां और आईबी की विशेष टीम मौके पर पहु्ंची।पीड़ित की शिकायत के आधार पर ज़ीरो एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।