तिरुपति (आंध्र प्रदेश): तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के पूर्व बोर्ड अध्यक्ष भूमाना करुणाकर रेड्डी ने तिरुमला पहाड़ियों पर कई खाली शराब की बोतलें मिलने पर गहरी चिंता और नाराजगी जताई है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या टीटीडी की सतर्कता और सुरक्षा व्यवस्था वास्तव में काम कर रही है या पूरी तरह विफल हो चुकी है।
भूमाना ने आरोप लगाया कि ये शराब की बोतलें कौस्तुभम रेस्ट हाउस के पास एक खुले इलाके में मिली हैं जो पुलिस गेस्ट हाउस के बेहद करीब है। उन्होंने कहा कि यह घटना न केवल गंभीर है बल्कि दुनिया भर के श्रद्धालुओं की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाने वाली है। उन्होंने मीडिया को जारी एक वीडियो में टीटीडी के विजिलेंस तंत्र की कड़ी आलोचना करते हुए पूछा कि कई स्तरों की निगरानी के बावजूद शराब तिरुमला तक कैसे पहुंची।
पूर्व अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि आखिर किसकी हिम्मत है कि वह पवित्र तिरुमला पहाड़ी पर शराब लेकर आए। उन्होंने इशारों में कहा कि ऐसी हिम्मत केवल टीटीडी अध्यक्ष बी. आर. नायडू की निजी सेना में ही हो सकती है। भूमाना ने यह भी आरोप लगाया कि पहले भी तिरुमला में शराब पीने, नशे में हंगामा करने और यहां तक कि मांसाहार करने जैसी घटनाएं सामने आई हैं लेकिन किसी भी मामले में न तो ढंग से जांच हुई और न ही दोषियों को सजा दी गई। इसी वजह से ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं।
उन्होंने टीटीडी प्रशासन पर आरोप लगाया कि वह गंभीर चूक को छिपाने के लिए केवल मुख्य जनसंपर्क अधिकारी के जरिए औपचारिक बयान जारी कर देता है जबकि मुख्य सतर्कता अधिकारी की चुप्पी शर्मनाक है। भूमाना ने कहा कि जो गठबंधन सरकार हिंदू धर्म की रक्षा के वादे के साथ सत्ता में आई थी वही तिरुमला की पवित्रता को रोज कमजोर कर रही है।
उन्होंने टीटीडी अध्यक्ष बी. आर. नायडू पर हिंदू आस्था का अपमान करने का आरोप लगाते हुए कहा कि बोर्ड आम भक्तों की भावनाओं की बजाय वीवीआईपी सुविधाओं पर ज्यादा ध्यान दे रहा है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि तिरुमला पर अध्यक्ष के एजेंटों का नियंत्रण हो गया है और दर्शन टिकटों के जरिए भक्तों का शोषण किया जा रहा है।
अंत में भूमाना ने कहा कि दुनिया भर के श्रद्धालु वर्तमान प्रशासन के तहत तिरुमला की पवित्रता में आ रही गिरावट से चिंतित हैं और उन्होंने सरकार से इस मुद्दे को गंभीरता से लेकर त्वरित व ठोस कदम उठाने की अपील की।