मुंबईः महाराष्ट्र के आगामी नगर निकाय चुनाव में महायुति उम्मीदवारों की अनविरोधी जीत को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। MNS नेता अविनाश जाधव ने बंबई हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने 68 वार्डों में परिणाम घोषित करने पर रोक और “मास विदड्रॉल” की कोर्ट मॉनिटरिंग में जांच की मांग की है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, जाधव का आरोप है कि विपक्षी उम्मीदवारों को धमकियों, लालच और दबाव के जरिए नामांकन वापस लेने के लिए मजबूर किया गया।
इससे पहले शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने राज्य निर्वाचन आयोग से अपील की थी कि जिन 68 वार्डों में उम्मीदवार अनविरोधी रूप से विजेता घोषित हुए, उन्हें रद्द किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे मतदाता, खासकर पहली बार वोट देने वाले युवा, अपने अधिकार से वंचित हो रहे हैं।
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन ने भी कहा कि अनविरोधी जीत वाले वार्डों में NOTA का विकल्प उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी और महायुति धमकी और धनबल का इस्तेमाल कर लोकतंत्र को कमजोर कर रही हैं।
राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने अनविरोधी जीत का बचाव करते हुए कहा कि यह लोकतंत्र के लिए सकारात्मक है और चुनाव आयोग ने इसे अनुमति दी है। हाईकोर्ट जल्द ही इस मामले की सुनवाई करेगा, जो महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों में लोकतांत्रिक प्रक्रिया और मतदाता अधिकार को लेकर नए दिशा-निर्देश तय कर सकता है।