कल (शनिवार) की सुबह मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान के लिए एक खास सुबह बनकर आएगी। शनिवार (27 फरवरी) को कूनो नेशनल पार्क में अफ्रीका से 8 नए चीते लाए जाने वाले हैं। हाल ही में इस बात की जानकारी इस परियोजना से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी। इन चीतों के आगमन के साथ ही भारत में चीतों के पूनर्वास कार्यक्रम का एक और महत्वपूर्ण चरण में पहुंचने की संभावना जतायी गयी है।
मिली जानकारी के अनुसार कल राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव इन चीतों को कूनो में बनाए गए विशेष बाड़ों में छोड़ेंगे। The Hindu की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार इन 8 चीतों को दक्षिण अफ्रीका के बोत्सवाना से मध्यप्रदेश लाया जा रहा है। इन चीतों के आगमन के साथ ही भारत में चीतों की कुल आबादी 46 हो जाएगी। बता दें, इसी महीने कूनो नेशनल पार्क में 8 चीता शावकों का जन्म हुआ था।
बता दें, बोत्सवाना तीसरा अफ्रीकी देश है जो केंद्र सरकार की प्रोजेक्ट चीता के तहत भारत में चीतों को भेज रहा है। इससे पहले सितंबर 2022 में नामिबिया और दक्षिण अफ्रीका से चीते भारत आ चुके हैं। वर्ष 1952 में भारत से चीता पूरी तरह से विलुप्त हो गए थे जिन्हें अब फिर से वापस लाने की कोशिशें चल रही हैं।
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बताया जाता है कि कल यानी 28 फरवरी को बोत्सवाना से जो 8 चीता आ रहे हैं उनमें 6 मादा और 2 पुरुष चीता होंगे। इस बारे में मीडिया से बात करते हुए मध्य प्रदेश के प्रिंसिपल चीफ कन्सर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट (PCCF - Wildlife) सुभरंजन सेन ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि भारतीय वायु सेना के कार्गो विमान से ग्वालियर एयर बेस तक इन 8 चीतों को लाया जाएगा।
इसके बाद उन्हें कूनो नेशनल पार्क तक लाने के लिए हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि चीतों को रखने के लिए बाड़े का इंतजाम कर लिया गया है। चीतों को कूनो नेशनल पार्क लाने के बाद कम से कम 30 दिनों तक उन्हें क्वारंटीन में रखा जाएगा।
बता दें, पिछले साल नवंबर में जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बोत्सवाना का दौरा किया था तब इस दक्षिण अफ्रीकी देश ने भारत को इन बड़ी बिल्लियों को दान में देने की घोषणा की थी।
भारत में वर्तमान में 38 चीता मौजूद हैं। इनमें से 27 चीतों का जन्म भारत में हुआ है और 11 चीतों को अफ्रीकी देशों से भारत लाया गया था। कूनो के अलावा मध्य प्रदेश के मंदसौर और नीमच जिलों में तीन वयस्क (2 पुरुष और 1 मादा) में मौजूद हैं।