तिरुवनंतपुरम: केरल की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पूर्व मंत्री और तिरुवनंतपुरम विधानसभा क्षेत्र से विधायक एंटनी राजू को 1990 के एक ड्रग जब्ती मामले में साक्ष्य से छेड़छाड़ के आरोप में दोषी ठहराए जाने के बाद केरल विधान सभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया गया है। केरल विधानमंडल सचिवालय ने सोमवार को उनकी अयोग्यता को लेकर आधिकारिक अधिसूचना जारी की।
एंटनी राजू की सीट 3 जनवरी 2026 से रिक्त मानी जाएगी। इसी दिन न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट-I कोर्ट, नेदुमंगाड ने उन्हें तीन साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई थी। जनाधिपत्य केरल कांग्रेस के नेता और सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) के सहयोगी रहे राजू को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 और सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों के तहत दोषसिद्धि के बाद अयोग्य ठहराया गया है।
यह मामला 1990 में तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुई ड्रग जब्ती से जुड़ा है जिसमें एक ऑस्ट्रेलियाई नागरिक के पास से 61.5 ग्राम हशीश बरामद की गई थी। उस समय एंटनी राजू एक जूनियर वकील के रूप में आरोपी की ओर से पेश हुए थे। अदालत ने पाया कि मामले में अहम सबूतों के साथ छेड़छाड़ की गई विशेष रूप से एक अंडरगारमेंट जो महत्वपूर्ण साक्ष्य था।
इस मामले में राजू के साथ-साथ पूर्व कोर्ट क्लर्क के. एस. जोस को भी दोषी ठहराया गया। दोनों को आपराधिक साजिश और सबूत गायब करने समेत भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाया गया। राजू को कई सजाएं सुनाई गईं जिनमें सबसे अधिक तीन साल की सजा है जबकि जोस को एक साल की कैद दी गई।
हालांकि अभियोजन पक्ष ने सजा सुनाने के लिए मामले को उच्च अदालत में भेजने की मांग की थी लेकिन मजिस्ट्रेट अदालत ने इसे खारिज कर स्वयं सजा सुनाई। राजू को उच्च अदालत में अपील करने के लिए जमानत दे दी गई है। सजा से पहले राजू ने आरोपों को राजनीतिक साजिश बताते हुए अपनी बेगुनाही का दावा किया था। उल्लेखनीय है कि यह मामला 2005 में केरल हाईकोर्ट के आदेश पर सतर्कता जांच के बाद दर्ज हुआ था। 2023 में हाईकोर्ट ने केस को खारिज कर दिया था लेकिन 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने इसे बहाल कर एक वर्ष के भीतर सुनवाई पूरी करने का निर्देश दिया था। मुकदमे के दौरान 29 गवाहों की गवाही हुई।