आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले एक बड़ा विवाद सामने आया है। बांग्लादेश की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम ने इस टूर्नामेंट के लिए भारत की यात्रा न करने का फैसला किया है। इस फैसले की आधिकारिक पुष्टि बांग्लादेश सरकार के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने की है।
आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले एक बड़ा विवाद सामने आया है। बांग्लादेश की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम ने इस टूर्नामेंट के लिए भारत की यात्रा न करने का फैसला किया है। इस फैसले की आधिकारिक पुष्टि बांग्लादेश सरकार के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने की है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह निर्णय बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) की अहम बैठक के बाद लिया गया।
यह फैसला ऐसे समय पर सामने आया है जब भारत को 2026 टी20 वर्ल्ड कप के प्रमुख मेज़बान देशों में शामिल माना जा रहा है। बांग्लादेश के इस कदम से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में राजनीतिक और कूटनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
खेल सलाहकार ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी
आसिफ नजरुल ने 4 जनवरी को फेसबुक पोस्ट के जरिए इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने विचार-विमर्श के बाद तय किया है कि टीम भारत में आयोजित होने वाले टी20 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने के लिए यात्रा नहीं करेगी।
नजरुल ने अपने बयान में यह भी कहा कि यह निर्णय किसी खेल तकनीकी कारण से नहीं, बल्कि राजनीतिक और नीतिगत असहमति के चलते लिया गया है। उनके अनुसार, यह फैसला भारतीय क्रिकेट प्रशासन की कुछ नीतियों के विरोध में उठाया गया कदम है।
फैसले के पीछे बताई गई वजह
आसिफ नजरुल ने अपने पोस्ट में कहा कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड का यह फैसला भारतीय क्रिकेट बोर्ड की “आक्रामक और सांप्रदायिक नीतियों” के जवाब के रूप में लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बांग्लादेश इस निर्णय का समर्थन करता है और इसे एक जरूरी और सही कदम मानता है।उनका कहना था कि खेल को राजनीति से अलग रखा जाना चाहिए, लेकिन जब नीतियां किसी समुदाय या देश के खिलाफ असंतुलित नजर आती हैं, तब प्रतिक्रिया देना जरूरी हो जाता है.
क्रिकेट से आगे बढ़ता विवाद
बांग्लादेश के इस ऐलान के बाद यह मुद्दा सिर्फ खेल तक सीमित नहीं रहा. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के सामने अब यह चुनौती खड़ी हो सकती है कि टूर्नामेंट के आयोजन और भागीदारी को लेकर कैसे संतुलन बनाया जाए।विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बांग्लादेश अपने फैसले पर कायम रहता है, तो इससे टी20 वर्ल्ड कप 2026 की योजना और शेड्यूल पर असर पड़ सकता है। साथ ही यह मामला अन्य क्रिकेट बोर्ड्स के लिए भी एक मिसाल बन सकता है।