ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच सिडनी में एशेज सीरीज का 5वां और आखिरी टेस्ट खेला जा रहा है। इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। मगर उसके बाद एक फैसला इस टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी कर रहे स्टीव स्मिथ ने लिया, जिसने सभी को चौंका दिया, खासकर तब जब टीम को मेलबर्न में खेले पिछले टेस्ट में हार का सामना करना पड़ा था। ये हैरान करने वाला इसलिए भी था क्योंकि ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्मिथ ने जो फैसला किया, वैसा कुछ सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर खेले जा रहे टेस्ट मैच में 138 साल बाद देखने को मिला।
सिडनी टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने क्या कदम उठाया ?
अब सवाल है कि सिडनी टेस्ट में टॉस हारने के बाद स्टीव स्मिथ ने क्या कदम उठाया ? दरअसल, उनका वो फैसला टीम की प्लेइंग इलेवन से जुड़ा रहा। ऑस्ट्रेलिया ने एक बार फिर से बगैर स्पेशलिस्ट स्पिनर के ही टेस्ट मैच में उतरने का फैसला किया।
ऐसा नहीं था कि स्मिथ ने कुछ नए तरह का फैसला किया था। मौजूदा एशेज सीरीज में ही ये लगातार मैच था और ओवरऑल तीसरा, जिसमें ऑस्ट्रेलियाई टीम बगैर स्पेशलिस्ट स्पिनर के मैदान पर उतरी थी लेकिन, इससे पहले सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर खेले टेस्ट में इस सदी तो क्या पिछली सदी में भी ऐसा कुछ देखने को ऑस्ट्रेलियाई टीम की तरफ से नहीं मिला था।
138 साल बाद ऑस्ट्रेलिया ने किया ऐसा
ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड के खिलाफ सिडनी टेस्ट में टॉड मर्फी की जगह ब्यू वेस्टर के साथ उतरने का फैसला किया। मतलब उसने किसी स्पेशलिस्ट स्पिनर को प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं दी। इसी के साथ 138 साल बाद SCG पर खेले जाने वाले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया की टीम में कुछ नया देखने को मिला। साल 1888 के बाद ये पहली बार है जब ऑस्ट्रेलिया बिना किसी स्पेशलिस्ट स्पिनर के साथ सिडनी टेस्ट में खेल रही है।