कोलकाता : मैदानों में घूम-घूमकर उभरते क्रिकेटरों को खोज निकालने में उनका कोई सानी नहीं है। उनके मार्गदर्शन में कई ऐसे खिलाड़ी आगे आए हैं, जो बंगाल क्रिकेट में चमकते नाम बने। वही अब्दुल मुनायेम अब फिर से मैदानों का दौरा कर भविष्य के क्रिकेटरों को तलाशने में जुटे हैं।
यह जिम्मेदारी उन्हें स्वयं सीएबी अध्यक्ष सौरव गांगुली ने दी है। क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) की ओर से ‘यूथ स्काउट एंड को-ऑर्डिनेशन’ का दायित्व अब मुनायेम के कंधों पर है। उन्हें रोज अलग-अलग मैदानों में मैच देखते हुए देखा जा रहा है, यहां तक कि जिलों के मैदानों में भी।
मुनायेम अब तक कई युवा क्रिकेटरों को चिन्हित कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि मैं लंबे समय से ऐसा काम करना चाहता था। चार दशक से बंगाल क्रिकेट से जुड़ा हूं। पहले खेला फिर लंबे समय तक क्लब कोचिंग की। खिलाड़ियों को पहचानना मेरे लिए आसान है। सबसे बड़ी बात दादा (सौरव गांगुली) ने मुझ पर भरोसा किया है। उन्होंने खुद हस्ताक्षर कर मुझे यह बड़ी जिम्मेदारी दी है। मैं 14-15 साल के खिलाड़ियों पर नजर रख रहा हूं जो 18 पार करते ही बंगाल के लिए खेल सकें।
मुनायेम ने भवानीपुर क्लब, मोहन बागान और ईस्ट बंगाल में लंबे समय तक प्रतिष्ठा के साथ काम किया है। उन्होंने कई ट्रॉफियां जीतीं। उनके प्रशिक्षण में शिवशंकर पाल, सौराशिस लाहिड़ी, अर्नब नंदी, रविकांत सिंह, अभिषेक रमन से लेकर अभिषेक पोरेल तक कई खिलाड़ी आगे बढ़े। इन खिलाड़ियों को तैयार करने में मुनायेम का बड़ा योगदान रहा है।
ऐसे अनुभवी व्यक्ति को भविष्य के क्रिकेटरों को खोजने और तैयार करने की जिम्मेदारी मिलने से बंगाल क्रिकेट में सकारात्मक बदलाव आ सकता है ऐसा सीएबी अधिकारियों का मानना है।