चेन्नईः तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटीय क्षेत्रों में चक्रवात ‘दित्वाह’ के कारण मौसम तेज़ी से खराब हो रहा है। चक्रवात की दिशा और उसकी तीव्रता को देखते हुए अगले 24 घंटे तटीय इलाकों के लिए अत्यंत संवेदनशील माने जा रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने रविवार तड़के कई ज़िलों के लिए तीन घंटे का येलो अलर्ट जारी किया, जिसमें चेन्नई सहित अरियालूर, चेंगलपट्टू, कोयंबटूर, कड्डालोर, दिंडीगुल, मायिलादुथुरै, तंजावुर, पेराम्बलूर, तिरुवल्लूर, तिरुवरूर और विलुप्पुरम जैसे ज़िले शामिल हैं। इन इलाकों में गर्जना के साथ बारिश और बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार इन क्षेत्रों में बादलों की घनत्व लगातार बढ़ रही है जिससे वर्षा का दायरा फैलता जा रहा है। कई स्थानों के लिए ऑरेंज और रेड अलर्ट भी घोषित किया गया है, जहाँ बहुत भारी बारिश और तेज़ हवाओं का अनुमान लगाया गया है।
तटीय और ग्रामीण इलाकों में हालात बिगड़ रहे हैंः लगातार हो रही बारिश से तटीय ज़िलों की स्थिति चिंताजनक हो गई है। नागपट्टिनम में तीन दिनों से जारी भारी बारिश के कारण ऐतिहासिक अरुलमिगु वेदारण्येश्वर स्वामी मंदिर के गर्भगृह के बाहर पानी जमा हो गया। मंदिर के पुजारी के अनुसार जलभराव इतनी मात्रा में बढ़ गया कि कुछ हिस्सों में मोटर पंप लगाकर पानी निकालना पड़ा और भक्तों की संख्या भी काफी कम हो गई। इसी तरह चेंगलपट्टू ज़िले में ममल्लपुरम, थिरुपोरुर, मदुरांतकम और चेंगलपट्टू नगर में लगातार हो रही वर्षा और तेज हवाओं ने लोगों का जीवन प्रभावित किया है। यहाँ प्रशासन ने नागरिकों को सावधानी बरतने, खुले स्थानों से दूर रहने और बिजली–बादल गरजने के दौरान घर में रहने की सलाह दी है। कई कृषि क्षेत्रों में धान के खेत पानी में डूबने लगे हैं, जिससे किसान संभावित फसल नुकसान को लेकर चिंतित हैं।
चक्रवात की स्थिति और दिशा: मौसम विभाग के अनुसार चक्रवात दित्वाह इस समय दक्षिण–पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उत्तर श्रीलंका–तमिलनाडु के समुद्री क्षेत्र के पास स्थित है। पिछले छह घंटों में यह लगभग 5 किमी/घंटा की गति से उत्तर दिशा में बढ़ा है। अगले 24 घंटों में इसके उत्तर तमिलनाडु–पुडुचेरी तट के बेहद करीब पहुँचने की संभावना है। यह सुबह तक तट से लगभग 50 किमी और शाम तक मात्र 25 किमी की दूरी पर हो सकता है।
राहत और बचाव तैयारियों में तेजीः चक्रवात के बढ़ते खतरे को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारें राहत तैयारियों में जुट गई हैं। रविवार को NDRF की 6वीं बटालियन की पाँच टीमें वडोदरा से विशेष विमान के जरिए चेन्नई एयरलिफ्ट की गई हैं। इन टीमों के पास बाढ़ बचाव उपकरण और गिर चुकी इमारतों में बचाव से जुड़े आधुनिक संसाधन उपलब्ध हैं। इन्हें उन ज़िलों में तैनात किया जाएगा जहाँ पानी भरने, पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका अधिक है। पुडुचेरी में समुद्र की लहरें सामान्य से काफी ऊँची उठ रही हैं, जिससे तटीय सड़कों पर पानी आने की स्थिति बन गई है। प्रशासन ने मछुआरों को पहले ही समुद्र में न जाने का निर्देश दिया है।