नयी दिल्लीः कुछ विपक्षी नेताओं द्वारा सोमवार से शुरू होने जा रहे संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान चल रहे विशेष संपूर्ण मतदाता सूची सुधार (SIR) पर संसद में हंगामा करने की चेतावनी के बीच संसदीय कार्य मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने रविवार को कहा कि सरकार विपक्ष की चिंताओं को सुनने के लिए पूरी तरह तैयार है।
रिजिजू ने आज सर्वदलीय बैठक के बाद पत्रकारों से कहा कि संसद सबकी है और सभी पार्टियों से आग्रह किया कि वे संसद में होने वाली बहस की गरिमा बनाए रखें। किसी ने यह नहीं कहा कि संसद काम नहीं करेगी या उसे काम नहीं करने देंगे। कुछ नेताओं ने कहा कि वे SIR पर हंगामा कर सकते हैं। मैं सकारात्मक रूप से कह रहा हूं कि हम विपक्ष को सुनने के लिए तैयार हैं। संसद सबकी है और देश की है। संसद में हर मुद्दे को चर्चा के तरीके से उठाया जाता है। इसके लिए नियम और प्रथाएं हैं।सर्वदलीय बैठक में 36 पार्टियों के 50 नेता शामिल हुए। बैठक बहुत अच्छी और उत्पादक रही। सभी सुझावों को दोनों सदनों की बिज़नेस एडवाइजरी कमेटी के सामने रखा जाएगा। लोकतंत्र में मतभेद स्वाभाविक हैं लेकिन उन्हें हंगामा या व्यवधान में बदलना नहीं चाहिए।
रिजिजू ने विपक्षी नेताओं से भी सहयोग का आग्रह किया और कहा कि लोकतंत्र में विशेषकर संसदीय लोकतंत्र में deadlock होते हैं। राजनीतिक पार्टियों में मतभेद होंगे लेकिन इसके बावजूद यदि हम तय करें कि हाउस को परेशान नहीं करेंगे और जो भी विरोध करना है वह हाउस में प्रक्रिया का पालन करते हुएव्यक्त करना चाहिए। हाउस की कार्यवाही लगातार चलनी चाहिए। 'वन्दे मातरम्' के 150 साल पूरे होने पर चर्चा करने के बारे में उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक नहीं बल्कि राष्ट्रीय मुद्दा है। इसे बिज़नेस एडवाइजरी कमेटी में रखा जाएगा।शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से शुरू होकर 19 दिसंबर तक चलेगा।