नयी दिल्लीः सितंबर में नेपाल जेन ज़ी आंदोलन से हिल गया था। सामाजिक असमानता, भ्रष्टाचार और शिक्षा–स्वास्थ्य में अव्यवस्था के खिलाफ वहां की युवा पीढ़ी सड़कों पर उतर आई थी। आंदोलन के कारण ओली सरकार को हटना पड़ा था। इसी तरह की स्थिति बांग्लादेश में भी दिखी थी, जहां शेख हसीना को प्रधानमंत्री पद छोड़कर भारत आना पड़ा था। लेकिन रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में कहा कि भारत का भविष्य जेन ज़ी के हाथों में सुरक्षित है और उन्होंने भारतीय युवाओं की जमकर तारीफ़ की। उन्होंने कहा, 'देश की युवा पीढ़ी ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत है।’
हर महीने एक रविवार को प्रधानमंत्री मोदी ‘मन की बात’ कार्यक्रम करते हैं। यह कार्यक्रम 2014 में सत्ता संभालने के बाद शुरू किया गया था। कार्यक्रम के 128वें एपिसोड में पीएम मोदी ने देश के युवाओं की प्रशंसा करते हुए कहा:'कुछ दिन पहले इसरो की ड्रोन प्रतियोगिता का एक वीडियो देख रहा था। हमारे युवा, खासकर जेन ज़ी, उसमें शामिल थे। देखने में ऐसा लग रहा था जैसे ड्रोन मंगल ग्रह पर उड़ रहे हों।’ उन्होंने बताया कि ड्रोन को GPS सपोर्ट के बिना उड़ाया जा रहा था, ताकि यह पता चल सके कि यह संभव भी है या नहीं। ड्रोन में केवल कैमरा और बिल्ट-इन सॉफ्टवेयर था क्योंकि मंगल ग्रह पर GPS काम नहीं करता। इसी चुनौती जैसे हालात वहां भी बनाए गए थे।
मोदी ने कहा, 'पुणे के युवाओं की टीम ने बहुत अच्छा काम किया। कई कोशिशों के बाद वही लोग ड्रोन को थोड़ा स्थिरता से उड़ा पाए।' इसके साथ ही उन्होंने ड्रोन के गिरने की तुलना चंद्रयान-2 के संचार बंद होने से की। उल्लेखनीय है कि 6 सितंबर 2019 को इसरो लैंडर ‘विक्रम’ को चांद पर उतारने में असफल रहा था और ऑर्बिटर के बाद उससे संपर्क टूट गया था। मोदी ने कहा,-'उस समय वैज्ञानिक ही नहीं, पूरा देश दुखी था। लेकिन उस असफलता ने हमें रोका नहीं। उसी से चंद्रयान-3 की सफलता की कहानी शुरू हुई। यह केवल किसी मिशन की सफलता नहीं, बल्कि असफलता से पैदा हुए आत्मविश्वास की जीत है।’
कार्यक्रम में पीएम मोदी ने वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने का उल्लेख करते हुए ‘वोकल फ़ॉर लोकल’ का आह्वान किया। उन्होंने लोगों से फिर से स्वदेशी उत्पाद खरीदने की अपील की। उन्होंने अंतरिक्ष अनुसंधान में निजी कंपनी Skyroot के ‘इन्फिनिटी कैंपस’ का उदाहरण दिया। कृषि क्षेत्र की उपलब्धियों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने बताया:'भारत ने 357 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन कर इतिहास रच दिया है। दस साल पहले की तुलना में 100 मिलियन टन की बढ़ोतरी हुई है।’ उन्होंने उत्तराखंड में सर्दियों के पर्यटन को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। इसी दौरान चमोली में भूकंप आया, जिसकी तीव्रता 3.7 थी, लेकिन कोई नुकसान नहीं हुआ।