दिल्ली ब्लास्ट मामले में ‘व्हाइट कॉलर’ मॉड्यूल के आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किए गए डॉक्टर शाहिन शाहिद के कमरे से 18 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। शुक्रवार को NIA अधिकारियों ने अल-फलाह विश्वविद्यालय में शाहिन को साथ लेकर तलाशी अभियान चलाया। शाहिन के कमरा नंबर 22 में अलमारी के भीतर प्लास्टिक में लपेट कर रखे गये नकद रुपये बरामद किये गये।
दूसरी ओर, शनिवार को इस मामले में गिरफ्तार चारों आरोपियों -डॉ. मुज़म्मिल शाकिल, डॉ. शाहिन शाहिद, मुफ़्ती इरफ़ान अहमद और आदिल अहमद को NIA की विशेष अदालत में पेश किया गया। अदालत ने सभी को 10 दिन की NIA हिरासत में भेजने का आदेश दिया है।
दिल्ली ब्लास्ट के बाद जांचकर्ताओं ने अल-फलाह विश्वविद्यालय के कई डॉक्टरों के साथ इस घटना का संबंध खोजा। इससे पहले भी विश्वविद्यालय के कई कमरों में तलाशी ली गई थी। कमरा नंबर 4 में ब्लास्ट में मारे गए और इस साजिश के प्रमुख आरोपी उमर-उन-नबी रहता था, जबकि कमरा नंबर 13 में मुज़म्मिल रहता था। दोनों के कमरों से कई अहम सामग्री पहले ही बरामद की जा चुकी है।
अब सवाल यह है कि शाहिन के कमरे में मिले इस बड़े कैश का स्रोत क्या है? इसका उपयोग किस उद्देश्य से किया जाना था? NIA अधिकारी इस बारे में लगातार पूछताछ कर रहे हैं।
जांच सिर्फ अल-फलाह विश्वविद्यालय तक सीमित नहीं रहेगी। आरोपियों को लखनऊ, कानपुर, सहारनपुर, फरीदाबाद और जम्मू-कश्मीर भी ले जाया जाएगा। जांच एजेंसियां इनकी गतिविधियों से जुड़े हर स्थान पर छापेमारी करेंगी। इनके ठिकाने, संपर्क और नेटवर्क किस तरह तैयार किया गया। इसकी पूरी जानकारी जुटाई जाएगी।