मालदाः पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण से पहले मालदा जिले में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर तक मजबूत कर दिया गया है। 23 अप्रैल को होने वाले मतदान को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने हर गतिविधि पर पैनी नजर रखनी शुरू कर दी है, ताकि चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
जिले के ओल्ड मालदा इलाके को विशेष रूप से संवेदनशील मानते हुए यहां कई अहम नाका चेक-पोस्ट बनाए गए हैं। डिस्को मोड़, चेचू मोड़ और चाकी मोड़ जैसे प्रमुख मार्गों पर चौबीसों घंटे वाहनों की सघन जांच की जा रही है। ये स्थान शहर में प्रवेश और निकास के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं, इसलिए यहां निगरानी और भी सख्त रखी गई है।
तीन शिफ्ट में 24×7 तैनाती, हर वाहन की जांच
इन चेक-पोस्टों पर पिछले लगभग 15 दिनों से लगातार अभियान चल रहा है। हर नाके पर सुरक्षा कर्मियों को तीन अलग-अलग शिफ्टों में तैनात किया गया है, ताकि 24 घंटे बिना किसी रुकावट के जांच जारी रह सके।
स्टैटिक सर्विलेंस टीम (Static Surveillance Team-SST) में पुलिस, राजस्व विभाग, कस्टम और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के अधिकारी शामिल हैं। ये टीमें हर गुजरने वाले वाहन की बारीकी से जांच कर रही हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है।
कैश और ‘लुभावन सामग्री’ पर सख्ती
चुनाव आचार संहिता लागू होने के कारण प्रशासन खास तौर पर अवैध नकदी, शराब, हथियार और मतदाताओं को प्रभावित करने वाले सामान पर नजर रख रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, कोई भी व्यक्ति 50,000 रुपये से अधिक नकदी लेकर नहीं चल सकता, क्योंकि इसका इस्तेमाल वोटरों को प्रभावित करने के लिए किया जा सकता है। हाल ही में डिस्को मोड़ चेक-पोस्ट पर जांच के दौरान 1.25 लाख रुपये नकद जब्त किए गए, जिससे सख्ती का अंदाजा लगाया जा सकता है।
इसके अलावा, बिना GST नंबर के बड़ी मात्रा में कपड़े या अन्य सामान ले जाने पर भी रोक है। प्रशासन को आशंका है कि ऐसे सामान का इस्तेमाल चुनावी लालच के रूप में किया जा सकता है।
शराब और संवेदनशील वस्तुओं की विशेष निगरानी
सुरक्षा एजेंसियां शराब की अवैध ढुलाई पर भी विशेष नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि चुनाव के दौरान शराब का वितरण मतदाताओं को प्रभावित करने का एक आम तरीका होता है, इसलिए इस पर सख्ती बरती जा रही है।
फ्लाइंग स्क्वॉड और वीडियो टीमें भी मैदान में
केवल स्थायी नाका चेक-पोस्ट ही नहीं, बल्कि जिले में फ्लाइंग स्क्वाड टीम (Flying Squad Teams-FST) और वीडियो सर्विलेंस टीम (Video Surveillance Team -VST) भी सक्रिय हैं। ये टीमें लगातार गश्त कर रही हैं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर तुरंत मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करती हैं।
इस समन्वित व्यवस्था के तहत यदि किसी नाके पर कोई संदिग्ध वाहन या गतिविधि दिखती है, तो तुरंत फ्लाइंग स्क्वॉड को अलर्ट किया जाता है, जो मौके पर पहुंचकर जांच और जब्ती की कार्रवाई करता है।
एंट्री से ज्यादा एग्जिट पॉइंट्स पर फोकस
अधिकारियों के मुताबिक, ओल्ड मालदा का नाका एक महत्वपूर्ण एग्जिट पॉइंट है, जहां से वाहन शहर की ओर जाते हैं। इसलिए यहां से निकलने वाले वाहनों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
हर वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर, ड्राइवर का नाम और ड्राइविंग लाइसेंस जैसी जानकारियां दर्ज की जा रही हैं, जिससे हर गतिविधि का रिकॉर्ड रखा जा सके और जरूरत पड़ने पर ट्रैकिंग की जा सके।
पहले चरण में अहम भूमिका में मालदा
पश्चिम बंगाल के 12 विधानसभा क्षेत्रों वाला मालदा जिला पहले चरण के मतदान का हिस्सा है। राज्य की कुल 154 सीटों पर पहले चरण में वोट डाले जाएंगे। ऐसे में इस जिले की भूमिका चुनावी दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
निष्पक्ष चुनाव के लिए प्रशासन का फोकस
प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि मतदान तक यह सख्त निगरानी जारी रहेगी। अधिकारियों के अनुसार, हर स्तर पर पारदर्शिता सुनिश्चित करने और मतदाताओं को किसी भी तरह के दबाव या लालच से मुक्त रखने के लिए यह कदम उठाए गए हैं।
मालदा में सुरक्षा के ये कड़े इंतजाम इस बात का संकेत हैं कि चुनाव आयोग और स्थानीय प्रशासन किसी भी तरह की गड़बड़ी की आशंका को पहले ही खत्म करना चाहते हैं।