अगले साल यानी 2026 में महाकुंभ अथवा कुंभ मेला आयोजित नहीं होगा। इस वजह से मकर संक्रांति के मौके पर प्रयागराज में श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ उमड़ने की उम्मीद भी कम ही है। ऐसी स्थिति में संभावना जतायी जा रही है कि पश्चिम बंगाल के गंगा सागर मेला में इस साल रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ सकती है।
अगर ऐसा होता है तो भारी संख्या में उमड़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के साथ ही सुरक्षा-व्यवस्था आदि के सारे इंतजाम भी करने होंगे। इसलिए जिला प्रशासन अभी से ही सारी तैयारियों में जुट चुकी है।
मुख्य सचिव की हिदायत
मुख्य सचिव मनोज पंथ ने गंगा सागर मेला से संबंधित सभी तैयारियां पहले से ही कर लेने की हिदायत जिला प्रशासन को दी है। गुरुवार को नवान्न में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य सचिव ने दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन को सभी निर्देश दिए हैं। मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव ने बताया कि इस बार मेला शुरू होने से 1 महीना पहले ही मुड़ीगंगा की नौगम्यता को बढ़ाने के लिए ड्रेजिंग अथवा बालू हटाने का काम खत्म कर लेना होगा। ताकि श्रद्धालुओं को आवाजाही करने में कोई समस्या न हो।
उन्होंने आगे कहा कि बड़ी संख्या में लोग मकर संक्रांति के दिन उमड़ने वाली भीड़ की वजह से पहले ही गंगा सागर में स्नान करने के लिए आते हैं।
कोहरे से निपटने के लिए खास तैयारी
हर साल गंगा सागर मेला में कोहरा एक बड़ी परेशानी का कारण बन जाता है, खासतौर पर नदी पार करने में। जिला प्रशासन की ओर से बताया गया है कि मेला परिसर और लॉट नंबर 8 घाट से सटे इलाकों में लगभग 600 फॉग लाइट और लेजर लाइट लगाने की योजना बनायी गयी है। इसके साथ ही घुमने वाली लाइट (Moving Light) भी लगाने के बारे में सोचा गया है।
बताया जाता है कि दक्षिण 24 परगना जिले के साथ ही जनस्वास्थ्य कारीगरी, पंचायत, परिवहन, बिजली व PWD विभाग के सचिव भी इस बैठक में मौजूद थे। मुख्य सचिव पंथ ने सभी से समय बर्बाद किए बिना युद्धकालिन तत्परता के साथ गंगा सागर मेला के सफल आयोजन की दिशा में काम शुरू कर देने के लिए कहा है।