कोलकाता : रणजी ट्रॉफी के इतिहास में बंगाल की सर्वश्रेष्ठ टीमों का चयन किया जाए तो इस साल की टीम पहले तीन में जरूर रहेगी। देश के लिए खेलने वाले खिलाड़ी टीम में थे बल्लेबाज फॉर्म में थे। कुल मिलाकर यह एक संपूर्ण पैकेज था। टीम के प्रदर्शन में भी वही तस्वीर दिखी लेकिन नॉकआउट में जाकर टीम लय खो बैठी। रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में खेलने उतरी बंगाल टीम सात विकेट से पराजित हुई (बंगाल बनाम जम्मू और कश्मीर)। यह नतीजा कुछ हद तक अप्रत्याशित था। मैच हारने और रणजी ट्रॉफी से बाहर होने को लेकर बंगाल के कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन ने खुलकर बात की।
मैच के बाद पत्रकारों से बात करते हुए अभिमन्यु ने खराब प्रदर्शन पर कहा कि खराब दिन तो आएगा ही लेकिन वह हमारे लिए गलत समय पर आ गया। हमने भी अच्छी गेंदबाजी की पर उन्हें भी श्रेय देना होगा। हम उतना अच्छा क्रिकेट नहीं खेल पाए। कुल मिलाकर एक सत्र में मैच हमारे हाथ से निकल गया।
मैच के बाद टीम की हार के कारणों पर चर्चा चल रही है। किस वजह से हार हुई, किस सत्र में कैसा प्रदर्शन करना चाहिए था इन सब पर बात हो रही है लेकिन अभिमन्यु इस पर ज्यादा सोचने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मैच के बाद विश्लेषण करना बहुत आसान होता है। कुछ योजनाएं थीं जिन्हें ठीक से लागू नहीं किया जा सका। खेल में ऐसा नहीं होता कि हर मैच में जल्दी-जल्दी विकेट गिरेंगे। मेरा मानना है कि पूरे साल में यह हमारी पहली बड़ी बल्लेबाजी विफलता थी। बस दुर्भाग्य यह रहा कि गलत दिन पर ऐसा हुआ और मैच हाथ से निकल गया। हम टूर्नामेंट से बाहर हो गए।
इस मैच की विफलता पर कोच लक्ष्मीरतन शुक्ला ने कहा कि पहली पारी में बढ़त लेने के बाद टीम जरूरत से ज्यादा आत्मविश्वासी हो गई थी जिससे गिरावट आई। इस बारे में अभिमन्यु से पूछा गया कि क्या टीम के पास योजना ‘बी’ या ‘सी’ थी? उन्होंने कहा कि हमारी शारीरिक भाषा, योजना बी और सी सब मौजूद थीं लेकिन सब काम नहीं आईं। समस्या समग्र मानसिकता में थी। एक सत्र में जब हमें अच्छी बल्लेबाजी करनी चाहिए थी तब हम ऐसा नहीं कर पाए। कुल मिलाकर पूरी टीम को सुधार करना होगा।
टीम की बल्लेबाजी को लेकर अभिमन्यु ने कहा कि बल्लेबाजी में काफी अच्छा हुआ लेकिन हम छोटे स्कोर को बड़े स्कोर में बदल नहीं पाए। 50, 60, 70 रन पर आउट हुए, इस मैच में 49 रन पर आउट हुए। जो गलतियां हुईं उन पर काम करेंगे। अगले सत्र में और बेहतर तैयारी के साथ उतरेंगे।