अपनी आवाज का नमूना देने में अभिषेक बनर्जी को हाई कोर्ट से फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। न्यायाधीश तीर्थंकर घोष ने मुख्य न्यायाधीश की अदालत में इस मामले को भेज दिया है। चूंकि इस मामले के एक भाग की सुनवाई एक अन्य न्यायाधीश की खंडपीठ में हुई, इसलिए न्यायाधीश घोष ने कहा कि वहीं पर इस मामले की सुनवाई भी होना चाहिए।
गौरतलब है कि अभिषेक बनर्जी ने चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद डीजे बजाने वाला बयान दिया था। इस मामले में थाना में शिकायत दर्ज की जा चुकी है।
सीआईडी इस मामले की जांच कर रही है। अभिषेक बनर्जी की आवाज की जांच करने का निर्देश निचली अदालत ने दिया था। वहीं दूसरी ओर अभिषेक बनर्जी ने नमूने की जांच के फैसले को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
अभिषेक बनर्जी के वकील ने न्यायाधीश तीर्थंकर घोष की खंडपीठ का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने इस मामले को मुख्य न्यायाधीश के पास भेज दिया क्योंकि इस मामले के एक हिस्से की सुनवाई दूसरी खंडपीठ में हुई है।
विधाननगर साइबर थाना के मामले में आज शाम 4 बजे अभिषेक बनर्जी से उनकी आवाज का नमूना जमा करने का विधाननगर अदालत ने आदेश दिया है। हालांकि निर्धारित समय के अंदर वह नमूना देने के लिए नहीं पहुंचे।
गौरतलब है कि गत 4 मई को चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद अभिषेक बनर्जी ने डीजे बजाने का बयान दिया था। इस बयान को भड़काऊ करार देते हुए अभिषेक बनर्जी के नाम पर बागुईआटी थाना और विधाननगर साइबर क्राइम थाना में शिकायत दर्ज की गयी थी। मामले की जांच की जिम्मेदारी सीआईडी ने उठायी।
अभिषेक बनर्जी को भवानी-भवन में पूछताछ के लिए तलब भी किया गया था। विधाननगर अदालत में सीआईडी ने कहा कि इस मामले में वह अभिषेक बनर्जी की आवाज का नमूना लेना चाहते हैं। गत 23 जून को अदालत ने इसकी अनुमति भी दी थी। आज (30 जून) को डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी को नमूना देने के लिए जाने के लिए कहा गया था। रिकॉर्डिंग के दौरान मैजिस्ट्रेट और फॉरेंसिक विशेषज्ञों के भी मौजूद रहने की बात थी।