यूनुस कमीशन की रिपोर्ट का दावा - शेख हसिना के इशारे पर ही हुई थी 'पिलखाना हत्याकांड'

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बांग्लादेश की तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के इशारे पर ही 'पिलखाना हत्याकांड' हुई थी।

By Tuhina Mandal, Posted By : Moumita Bhattacharya

Nov 30, 2025 22:52 IST

सत्ता में आने के बाद ही बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने 16 साल पहले हुए 'पिलखाना हत्याकांड' की जांच के लिए एक कमीशन का गठन किया। रविवार को इस कमीशन ने अपनी रिपोर्ट मोहम्मद यूनुस को सौंप दी। इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बांग्लादेश की तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के इशारे पर ही 'पिलखाना हत्याकांड' हुई थी।

साथ ही रिपोर्ट में दावा किया गया है कि उस समय बांग्लादेश में सत्ता में रही अवामी लीग भी इस घटना में शामिल थी। हालांकि यह कमीशन के राजनैतिक रूप से प्रभावित होने का काफी पहले से ही दावा किया जा रहा है।

मोहम्मद यूनुस की जांच कमीशन ने क्या कहा?

कमीशन के प्रधान फजलुर रहमान ने रविवार को कहा कि पूरी घटना की जांच दो प्रक्रियाओं के माध्यम से की गई है। गवाहों को बुलाया गया है। जांच में शामिल लोगों से बात की गई है। उनकी जांच रिपोर्ट इकट्ठा कर ली गई हैं। उनका दावा है कि 'पिलखाना हत्याकांड' में बाहरी ताकतों और उस समय की सत्ताधारी पार्टी अवामी लीग के सीधे तौर पर शामिल होने के पक्के सबूत मिले हैं।

कमीशन के सदस्य मेजर जनरल (रिटायर्ड) मोहम्मद जहांगीर कबीर तालुकदार ने दावा किया कि यह हत्याकांड योजना बनाकर की गयी थी। उन्होंने दावा किया कि उस समय संसद के सदस्य शेख फजले नूर तपोश इस घटना के प्रमुख साजिशकर्ताओं में से एक थे। उस समय अवामी लीग ने हत्याकांड में शामिल लोगों को बचाने में अहम भूमिका निभाई थी। उनका कहना है कि उस समय अवामी लीग ने हत्याकांड में शामिल लोगों को बचाने में साजिश रची थी।

वे 20-25 लोगों के जुलूस के साथ पिलखाना में घुसे थे और जब वहां से जुलूस बार निकला तो उसमें 200 लोग शामिल थे। जहांगीर कबीर तालुकदार का आरोप है कि पूरी घटना उस समय की प्रधानमंत्री शेख हसीना के इशारों पर ही हुई थी।

क्या है पिलखाना हत्याकांड ?

25 और 26 फरवरी 2009 को ढाका में उस समय के बॉर्डर गार्ड फोर्स बांग्लादेश राइफल्स (BDR) के पिलखाना हेडक्वार्टर पर विद्रोही सैनिकों के हमले में 57 सैन्य अधिकारी मारे गए थे। दावा जाता है कि उस घटना में कुल 74 लोग मारे गए थे। BNP नेता खालिदा जिया पहले भी कई बार दावा कर चुकी हैं कि इस घटना के पीछे शेख हसीना का हाथ था।

जवाब में शेख हसीना ने भी पिलखाना हत्याकांड में BNP और जमात-ए-इस्लामी के शामिल होने का इल्जाम लगाया था। मोहम्मद यूनुस के सत्ता में आने के बाद इस घटना की दोबारा जांच की मांग उठी। 24 दिसंबर 2024 को अंतरिम सरकार ने एक स्वतंत्र जांच कमीशन का गठन किया। अब कमीशन ने रिपोर्ट को सार्वजनिक किया है।

रिपोर्ट के बारे में यूनुस ने क्या कहा?

इस रिपोर्ट के बारे में मुख्य सलाहकार मोहम्मद ने कहा कि 'पिलखाना हत्याकांड' को लेकर पूरा देश इतने दिनों से अंधेरे में था। उनका दावा है कि अब असली सच्चाई सामने आयी है।

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