श्रीलंका में ‘दितवाह’ चक्रवात से तबाही, 100 से अधिक मृत, भारत ने सहायता भेजी

भारी बारिश और भूस्खलन से कोलंबो और तटीय क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित, राहत कार्य जारी, भारतीय सेना और तटीय बल तैनात।

By अन्वेषा बंद्योपाध्याय, Posted by: श्वेता सिंह

Nov 29, 2025 16:23 IST

कॉलंबो। भारत पहुंचने से पहले ही बंगाल की खाड़ी पर बने चक्रवात ‘दितवाह’ ने श्रीलंका के पूर्वी तट को तहस-नहस कर दिया। लैंडफॉल होते ही भारी बारिश शुरू हो गई। लगातार एक हफ्ते से बारिश और बाढ़ ने कई क्षेत्रों में तबाही मचाई है। सड़कें, घर और कृषि भूमि जलमग्न हो गई हैं। भूस्खलन के कारण कई मार्ग बंद हो गए हैं। स्कूल, कार्यालय और रेल सेवाएं बंद कर दी गई हैं।

अब तक 80 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग 2000 लोग लापता हैं। श्रीलंका मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कोलंबो और निम्न क्षेत्रों के लोगों को ऊंचे स्थानों पर आश्रय लेने को कहा है। अगले 48 घंटों में 200 मिलीमीटर तक और बारिश की संभावना है। आपदा प्रबंधन केंद्र ने लगभग 1.5 लाख लोगों को प्रभावित बताया है और 14,000 से अधिक लोगों को 195 आपातकालीन केंद्रों में सुरक्षित स्थानांतरित किया गया है।

सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र बदुल्ला है जहां भूस्खलन के कारण 21 लोगों की मौत हुई। नुवारा एलिय्या में 4 लोगों की मौत हुई। राहत कार्य सेना और नौसेना के हेलीकॉप्टर और नौकाओं के माध्यम से चलाया जा रहा है। लगभग 21,000 सैनिक राहत कार्यों में लगे हुए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीलंका में इस आपदा पर शोक व्यक्त किया और सभी तरह की सहायता का आश्वासन दिया। इसके तहत ‘ऑपरेशन सागरबंधु’ शुरू किया गया है जिसमें राहत सामग्री भेजी जा रही है। आईएनएस विक्रांत को भी राहत सामग्री पहुंचाने के लिए रवाना किया गया है।

चक्रवात अब भारत की ओर बढ़ रहा है और तमिलनाडु के तट पर दूसरा लैंडफॉल होने की संभावना है। स्थिति की समीक्षा के बाद श्रीलंका अपने प्रमुख हवाई अड्डे से दक्षिण भारत के तिरुवनंतपुरम या कोच्चि हवाई अड्डों के लिए उड़ानों में बदलाव कर सकता है।

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