अग्निकांड के बाद लोगों के गुस्से को दबाने के लिए बिजिंग का सख्त रवैया, 'राष्ट्रद्रोह कानून' न भड़का दे नई आग

इससे पहले की कोई आवाज उठा सकें, बीजिंग ने एक सख्त 'राजद्रोह' कानून लागू करके जनता की आवाज को दबाने की कोशिश की है।

By Amartya Lahiri, Posted By : Moumita Bhattacharya

Dec 01, 2025 01:29 IST

हांग कांग की बहुमंजिला इमारत में लगी भयावह आग में कम से कम 146 लोगों की मौत हो गई। इस बात से एक ओर हांगकांग जहां सदमे में है, वहीं दूसरी ओर वह गुस्से की आग में भी जल रहा है। लेकिन इससे पहले की कोई आवाज उठा सकें, बीजिंग ने एक सख्त 'राजद्रोह' कानून लागू करके जनता की आवाज को दबाने की कोशिश की है।

यह दावा किया गया है न्यूज एजेंसी AFP की एक रिपोर्ट में। इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि शहर की सड़कों से लेकर ऑनलाइन फोरम तक, हर तरफ अब बस गूंज रही हैं खामोश चीखें।

24 साल के छात्र माइल्स क्वान को 'देशद्रोह' के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है क्योंकि उसने ट्रेन स्टेशन के बाहर इस अग्निकांड के लिए कौन आग की जिम्मेदार है, यह जानने के लिए जनमत बनाने की कोशिश की थी। क्वान ने AFP से कहा कि हमें साफ-साफ अब यह कहना ही होगा कि आज का हांगकांग अंदर और बाहर से पूरी तरह खोखला है।

बताया जाता है कि पिछले शुक्रवार को उसने इस अग्निकांड की स्वतंत्र जांच, पीड़ितों के पुनर्वास और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की मांग करते हुए पर्चे बांटे थे। एक ही दिन में उसकी याचिका के समर्थन में ऑनलाइन 10,000 से ज्यादा हस्ताक्षर जमा हो गए थे। लेकिन उसकी गिरफ्तारी के बाद याचिका भी एकदम से गायब हो गई है।

वर्ष 2020 में चीन के सख्त राष्ट्रीय सुरक्षा कानून की वजह से हांगकांग में गणतंत्र के समर्थन में उठने वाली आवाजें लगभग पूरी तरह से दबा दी गई हैं। जब क्वान जैसे युवा सरकार से जवाबदेही की मांग करते हैं तो बीजिंग उन पर संकट का फायदा उठाकर 'चीन विरोधी ताकतों द्वारा सामाजिक मतभेद भड़काने' का आरोप लगाता है। राष्ट्रीय सुरक्षा ऑफिस ने चेतावनी दी है कि वह अशांति फैलाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा।

इस बीच अधिकारियों ने वांग फूक कोर्ट में लगी आग के मामले में 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह 1980 के बाद से दुनिया के किसी आवासीय इमारत में लगी सबसे खतरनाक आग थी। सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह सिर्फ एक हादसा थी या 'इंसानों द्वारा बनाई गई कोई आपदा'। कोई भी विचार विभागीय कमेटी गठित न करके घटना की जांच के लिए एक 'अंतर्विभागीय टास्क फोर्स' बनाने की घोषणा की गई है।

शहर में मातम छाया हुआ है। इस बीच सरकार अगले सप्ताह होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रही है। लेकिन लोग गुस्से में हैं। जिस तरह से उनकी आवाज दबाई जा रही है, उससे हांग कांग के लोगों को लग रहा है कि आग ने सिर्फ कुछ इमारतों पर ही नहीं बल्कि उनकी लोकतांत्रिक आजादी पर भी असर डाला है।

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