सर्दियों का मौसम आते ही घर के बराम्बे से लेकर टेरिस गार्डन तक में लोग तरह-तरह के फूलों के पौधे लगाते हैं। रंग-बिरंगी इन फूलों की ओर आकर्षित होकर तितलियां भी आती रहती हैं। लेकिन क्या आपने गौर किया है कि पिछले कुछ सप्ताह से पौधों पर, बहुमंजिला इमारत में, मेट्रो से लेकर घरों में भूरे रंग की तितलियां कुछ ज्यादा ही मंडरा रही हैं।
ऐसा सिर्फ कोलकाता में ही नहीं बल्कि आसपास के उपनगरीय शहरों में भी हो रहा है। पर अचानक क्यों भूरे रंग की इन तितलियों की संख्या इतनी ज्यादा नजर आ रही है? क्या ये तितलियां किसी खास बात का संकेत लेकर आयी हैं? इस बारे में विशेषज्ञों का क्या कहना है?
क्या है इन तितलियों की विशेषताएं?
सबसे पहले आपका परिचय इन तितलियों से करवा देते हैं। भूरे रंग की जिन तितलियों को आप हर तरफ मंडराती हुई देख रहे हैं, उनका नाम कॉमन इवनिंग ब्राउन (Common Evening Brown) है। बहुत ही हल्की वजन वाली इन तितलियों के पंखों का आकार 2.5 से लेकर 3 इंच तक होता है।
बात अगर वजन की करें तो ये महज कुछ मिलीग्राम वजन की ही होती हैं। महानगर के निवासियों का दावा है कि पिछले करीब 15-20 दिनों से जितनी तितलियों को घर के बराम्दे व छत पर पौधों के पास मंडराते हुए देख रहे हैं, उतना शायद पिछले कई सालों में नहीं देखा होगा।
क्या कहना है विशेषज्ञों का?
तितलियों को लेकर शोध कार्य करने वाले अर्जन बसु राय का कहना है कि इस साल भूरे रंग की इन तितलियों को ज्यादा देखे जाने की मुख्य वजह मौसम में परिवर्तन है। उनका कहना है कि लंबे समय तक बारिश होने और मानसून के बाद भी लगातार बारिश होने की वजह से मैदानों में घास ज्यादा उगे हैं।
घास ही इन तितलियों के प्रजनन और रहने के लिए सबसे अच्छी जगह होती है। अर्जन बसू राय का कहना है कि अगर मौसम शुष्क रहता तो ये जमीन के नीचे अथवा ककून (प्यूपा) में ही रहती। लेकिन मौसम अच्छा होने की वजह से ये तितलियां एक साथ बाहर निकल आयी हैं।
उन्होंने बताया कि इसमें डरने या घबराने वाली कोई बात नहीं है। भूरी तितलियों का आना सिर्फ मौसम में बदलाव का ही संकेत है।
क्यों घरों में आ रही तितलियां?
जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ZSI) के पतंग विशेषज्ञ नवनीत सिंह ने बताया कि इन तितलियों का जन्म अंधेरे में होता है। लेकिन जन्म के बाद ही ये तेज रोशनी की तरफ आकृष्ट होती हैं। इस वजह से ही घर में कमरों के अंदर, पार्क में या ऊंची इमारतों में इन तितलियों को मंडराते हुए देखा जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस साल कोलकाता में तापमान सामान्य के आसपास बने रहने की वजह से ही इन तितलियों को बड़ी संख्या में देखा जा रहा है।