समाचार एई समय। महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों से पहले भाजपा और उसके साथी शिवसेना के बीच तनाव बढ़ गया है। शिवसेना विधायक निलेश राणे ने भाजपा पर मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए नकद वितरण का आरोप लगाया। राज्य भाजपा अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने गुरुवार को कहा कि वे गठबंधन को 2 दिसंबर तक बनाए रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह आरोपों का जवाब बाद में देंगे। चव्हाण आगामी स्थानीय चुनावों के लिए राज्य भर में दौरे पर हैं। उन्होंने कई रैलियों को संबोधित किया लेकिन निलेश राणे के आरोपों पर सीधे जवाब देने से परहेज किया।
मतदान प्रभावित करने के लिए नकद वितरण का आरोप
निलेश राणे का आरोप है कि चव्हाण ने कुछ दिन पहले सिंधुदुर्ग जिले के उनके गृह क्षेत्र का दौरा किया और मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए नकद वितरण की व्यवस्था की। राणे ने बुधवार को कंकवली शहर में एक स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता के घर जाकर कथित तौर पर ‘स्टिंग ऑपरेशन’ किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां मतदाताओं को लुभाने के लिए नकद भरी थैलियां रखी गई थीं। निलेश ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा किए और गुरुवार को एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य भाजपा नेताओं ने आरोपों को खारिज किया है। रविंद्र चव्हाण ने कहा कि गठबंधन को 2 दिसंबर तक बचाना प्राथमिकता है और आरोपों का जवाब बाद में दिया जाएगा। राज्य मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि यदि नकद वितरण में कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो कड़ी कार्रवाई होगी, लेकिन किसी के घर जाकर स्टिंग करना उचित नहीं। मंत्री नितेश राणे ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कई राजनीतिक कार्यकर्ताओं की वैध व्यवसाय आय होती है और घर में नकद रखना गलत नहीं है। भाजपा कार्यकर्ता विजय केनावडेकर ने कहा कि उन्हें निशाना बनाया जा रहा है और उन्होंने पैसे का स्रोत पुलिस को बताया है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि, स्थानीय निकाय चुनाव और मतदान तिथि
राजनीतिक पृष्ठभूमि भी इस विवाद को और जटिल बनाती है। निलेश राणे शिवसेना से हैं, जबकि उनके पिता और भाई भाजपा में हैं। दोनों परिवारों के बीच पहले भी राजनीतिक संघर्ष रहा है। पिछले विधानसभा चुनाव में निलेश राणे ने शिवसेना के टिकट पर जीत हासिल की थी, जबकि उनके छोटे भाई नितेश राणे को भाजपा मंत्रिमंडल में शामिल किया गया।
स्थानीय निकाय चुनाव 2 दिसंबर को होने हैं। महाराष्ट्र में 246 नगर परिषद और 42 नगर पंचायतों के लिए मतदान होगा। कंकवली नगर परिषद और मालवन नगर पंचायत पहले चरण में मतदान के लिए शामिल हैं। भाजपा और शिवसेना के बीच तनातनी के बीच यह चुनाव कई क्षेत्रों में सीधे मुकाबले का केंद्र बनेगा।
अधिकारियों की जांच
चुनाव आयोग और पुलिस मामले की जांच कर रहे हैं। जांच में यह निर्धारित किया जाएगा कि नकद व्यवसाय, संपत्ति लेनदेन या चुनावी गतिविधि से संबंधित था या नहीं। यदि कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय निकाय चुनाव से पहले भाजपा और शिवसेना के बीच टकराव सामने आया है। निलेश राणे के आरोपों ने गठबंधन की स्थिरता पर सवाल खड़ा कर दिया है। भाजपा का कहना है कि गठबंधन बचाना प्राथमिकता है और मामले की जांच के बाद ही कार्रवाई होगी।