रांची में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले जा रहे पहले एकदिवसीय मैच में जीतने के लिए दक्षिण अफ्रीका को मात्र 18 रनों की जरूरत थी। आखिरी ओवर में बॉलिंग की बड़ी जिम्मेदारी प्रसिद्ध कृष्ण ने अपने कंधों पर उठा ली। पहली गेंद पर दक्षिण अफ्रीका को कोई रन नहीं मिला। टीम को जीत की दहलीज तक लाने वाले क्रिज पर सेट हो चुके खिलाड़ी कॉर्बिन बॉस का विकेट दूसरी गेंद पर चटका डाला।
51 बॉल पर 67 रन बनाकर कॉर्बिन ने एक दमदार पारी खेली लेकिन आखिर में रोहित शर्मा के हाथों कैच आउट होकर ड्रेसिंग रूम में लौट गए। दक्षिण अफ्रीका की पूरी टीम पहले ODI में 4 बॉल रहते हुए 332 रनों पर सिमट गयी। भारत के 350 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए द. अफ्रीकी टीम 17 रनों से पहला मैच हार गयी।
इस जीत के साथ ही टेस्ट सीरीज में मिली करारी हार के जख्मों पर रविवार को रांची में मानो मल्हम लग गया हो। टीम इंडिया ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की ODI सीरीज का पहला मैच जीतकर इस सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। इस जीत का श्रेय बेशक विराट कोहली को ही दिया जा रहा है - उनका बल्ला जबरदस्त आक्रामकता के साथ चमका।
शुरुआत में रोहित शर्मा की मजबूत पारी ने भारत को मजबूत शुरुआत दी। बाद में विराट कोहली की केएल राहुल के साथ तूफानी साझेदारी ने इसे और भी चमकदार बना दिया। इसी का नतीजा था कि रविवार शाम को रांची के मैदान में एक ही धुन गूंजी - टीम इंडिया वापस आ गई है और वह विराट के बल्ले से वापस आई है।
टॉस हारने के बाद भारत ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया। रांची की बैटिंग पिच पर रन भी जबरदस्त बनें। विराट कोहली के शतक और रोहित शर्मा और केएल राहुल के अर्धशतकों की मदद से टीम इंडिया ने रनों का पहाड़ खड़ा कर दिया। उन्होंने 8 विकेट खोकर 349 रन बनाए। इस रन का पीछा करते हुए दक्षिण अफ्रीका को शुरुआत में ही झटका लगा।
सिर्फ 11 रन पर दक्षिण अफ्रीकी टीम ने अपने 3 विकेट खो दिए। हालांकि मिडिल ऑर्डर में मैथ्यू ब्रिट्ज ने शानदार संघर्ष किया। 7वें नंबर पर बल्लेबाजी करने आए मार्को जेनसन ने भी शानदार पारी खेली। 8वें नंबर पर रन आए कॉर्बिन बॉस के जबरदस्त संघर्ष को देखकर एक बार लगा कि शायद दक्षिण अफ्रीका की टीम यह मैच उड़ा ले जाएगी लेकिन आखिर में टीम लड़खड़ा गयी।
भारत की पारी
रोहित शर्मा के साथ युवा यशस्वी जायसवाल ओपनिंग करने उतरे। हालांकि उन्होंने निराश किया। यशस्वी सिर्फ 18 (16 गेंद) रन बनाकर ड्रेसिंग रूम लौट गए। उनकी पारी में 2 चौके और 1 छक्का था। इसके बाद विराट कोहली तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए। इसके बाद भारत ने फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा।
रोहित और कोहली ने दूसरे विकेट के लिए मिलकर 136 रनों की साझेदारी की। इस जोड़ी ने भारत के लिए एक साथ सबसे ज्यादा मैच खेलने का रिकॉर्ड भी बनाया। उन्होंने सचिन तेंदुलकर-राहुल द्रविड़ का रिकॉर्ड तोड़ दिया। रोहित-कोहली ने रांची में एक साथ अपना 392वां अंतर्राष्ट्रीय मैच खेला।
रोहित अर्द्ध शतक बनाकर रुक गए लेकिन कोहली का तूफान 100 के पार चला गया। रोहित मार्को जेनसन की गेंद पर LBW हो गए। उन्होंने 51 गेंदों पर 57 रन बनाए, जिसमें 3 छक्के और 5 चौके शामिल थे। रोहित के लौटने के बाद भारत ने लगातार 2 और विकेट गंवा दिए। एक समय भारत का स्कोर 1 विकेट पर 160 रन था, वहां से यह 4 विकेट पर 200 रन हो गया। ऋतुराज गायकवाड़ 14 गेंदों पर 8 रन बनाकर ड्रेसिंग रूम लौट गए। वॉशिंगटन सुंदर ने 19 गेंदों पर 13 रन बनाए।
इसके बाद कोहली का साथ देने के लिए केएल राहुल आए। विराट ने अपने करियर का 83वां शतक लगाया। यह वनडे में कोहली का 52वां शतक है। साथ ही उन्होंने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। कोहली के नाम क्रिकेट के किसी भी फॉर्मेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड है। इससे पहले सचिन तेंदुलकर ने टेस्ट में कुल 51 शतक लगाए थे।
आखिर में कोहली 120 गेंदों पर 135 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। उनकी पारी में 11 चौके और 7 छक्के शामिल थे। इसके अलावा राहुल ने 56 गेंदों पर 60 रन बनाए। उन्होंने 3 छक्के और 2 चौके लगाए। रवींद्र जडेजा ने 20 गेंदों पर 32 रन बनाए। दक्षिण अफ्रीका के लिए मार्को जानसेन, नांद्रे बर्जर, कॉर्बिन बस, ओटनील बार्टमैन ने 2-2 विकेट झटके।
दक्षिण अफ्रीका की पारी
भारत के दिए 350 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत अच्छी नहीं रही। हर्षित राणा ने दूसरे ओवर में ही साउथ अफ्रीका के दो बैटरों को पवेलियन का रास्ता दिखा दिया। उन्होंने रयान रिकेल्टन (0) को बोल्ड किया। इसके बाद क्विंटन डी कॉक भी बिना अपना खाता खोले ही वापस लौट गए।
5वें ओवर में अर्शदीप सिंह ने दक्षिण अफ्रीकी कप्तान एडेन मार्करम (7) को आउट किया। इसके बाद मैथ्यू ब्रिट्जके ने टीम को संभाला। उनकी 80 गेंदों में 72 रन की पारी, जिसमें 8 चौके और एक छक्का शामिल था, टीम के लिए ऑक्सीजन की तरह थी। 7वें नंबर पर आए मार्को जेनसन ने फिर से तूफानी पारी खेली। उन्होंने सिर्फ 39 गेंदों में 70 रनों की शानदार पारी खेली। इस पारी में 8 चौके और 3 छक्के शामिल थे। जेनसन ने ही दक्षिण अफ्रीका को जीत की दहलीज तक लाया।
8वें नंबर कॉर्बिन बॉस ने भी लक्ष्य का पीछा करते हुए तेजी से रन बनाया। हालांकि आखिरी ओवर में वह दबाव नहीं बना पाए। कॉर्बिन प्रसिद्ध के बेखौफ और शांत रवैये के सामने टिक नहीं पाए और कैच थमा बैठे। प्रसिद्ध ने पहली गेंद पर कोई रन नहीं दिया जिससे कॉर्बिन पर दबाव बढ़ गया। दक्षिण अफ्रीका कड़ी टक्कर देने के बावजूद मैच हार गया।
टोनी डी जॉर्जी ने 39 और डेवाल्ड ब्रेविस ने 37 रन बनाए। बाकी कोई भी बैटर 20 रन तक भी नहीं पहुंच सका। भारत के लिए कुलदीप यादव ने 4 विकेट, हर्षित राणा ने 3 विकेट, अर्शदीप सिंह ने 2 विकेट और प्रसिद्ध ने आखिरी ओवर में कॉर्बिन का अहम विकेट झटका।