ओडिशा ने माओवादियों की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति में संशोधन किया, वित्तीय सहायता बढ़ाई

By प्रियंका कानू

Nov 28, 2025 18:03 IST

भुवनेश्वर: राज्य से वामपंथी उग्रवाद खत्म करने के लिए ओडिशा सरकार ने माओवादी समर्पण और आत्मसमर्पण नीति में बदलाव किया है। नक्सलियों को ज्यादा आर्थिक सहायता, हथियार जमा कराने पर इनाम, और अन्य लाभ दिए जाएंगे।

पीटीआई के रिपोर्ट के आनुसार, गृह विभाग ने गुरुवार को एक अधिसूचना में कहा कि समर्पण और आत्मसमर्पण नीति का उद्देश्य राज्य में वामपंथी उग्रवाद को नियंत्रित और समाप्त करना है जिसके लिए कट्टरपंथी माओवादी कैडरों को मुख्यधारा में वापस लाया जाएगा। यह नीति यह भी सुनिश्चित करती है कि समर्पण करने वाले नक्सली दोबारा उग्रवाद की ओर न लौटें बल्कि उन्हें रोजगार और उद्यमिता के अवसर प्रदान किया जाएं, समर्पित हथियारों पर पुरस्कार और अन्य लाभों में वृद्धि की गई है।

अधिसूचना के अनुसार, समर्पण करने वाले कैडरों को दो वर्गों— श्रेणी A और B—में बांटा जाएगा। श्रेणी A में केंद्रीय समिति के सचिव, केंद्रीय सैन्य आयोग प्रमुख, पोलित ब्यूरो सदस्य, केंद्रीय समिति सदस्य, राज्य समिति सदस्य या समान पद, विशेष ज़ोनल समिति सदस्य और क्षेत्रीय समिति सदस्य शामिल हैं। श्रेणी B में शामिल हैं—डिविजनल समिति सचिव, सैन्य पलटन कमांडर, डिविजनल समिति सदस्य, क्षेत्र समिति सचिव और क्षेत्र समिति सदस्य।

नई अधिसूचना के अनुसार, संशोधित योजना में श्रेणी A के लिए वित्तीय सहायता की सीमा पहले के 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है। श्रेणी B के लिए 2.5 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। समर्पित हथियारों के लिए पुरस्कार राशि में भी काफी वृद्धि की गई है। यदि कोई माओवादी कार्यशील स्थिति वाले हथियार, सक्रिय गोला-बारूद और विस्फोटक के साथ समर्पण करता है, तो उसे बढ़ी हुई वित्तीय सहायता का लाभ मिलेगा।

उदाहरण के लिए: हल्की मशीनगन (एलएमजी) के साथ समर्पण करने पर — 4.95 लाख रुपये, AK-47 राइफल — 3.3 लाख रुपये (पहले मात्र 10,000 रुपये), एसएलआर/इंसास राइफल — 1.65 लाख रुपये (पहले 10,000 रुपये), .303 राइफल — 82,500 रुपये (पहले 5,000 रुपये)

सक्रिय रूप से समर्पित नक्सली जिन पर 5 लाख रुपये या उससे अधिक का इनाम है, उन्हें अतिरिक्त 10 लाख रुपये की एकमुश्त राशि दी जाएगी जो जिला पुलिस अधीक्षक द्वारा किसी बैंक में समर्पित नक्सली के नाम पर फिक्स्ड डिपॉज़िट के रूप में जमा की जाएगी, और इसका ब्याज उन्हें दिया जाएगा। अधिसूचना में कहा गया है कि फिक्स्ड डिपॉज़िट की तारीख से 3 साल बाद, जिला SP की अनुशंसा पर और समर्पण एवं पुनर्वासन समिति द्वारा संतोषजनक व्यवहार और आचरण प्रमाणित किए जाने पर, पूरी राशि एकमुश्त समर्पित नक्सली को दे दी जाएगी।

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