प्रयागराजः24 अक्टूबर 1984 को जब कोलकाता में पहली बार मेट्रो चली तो देश के बाकी हिस्सों के लिए भी ये किसी सपने से कम नहीं था। 24 दिसंबर 2002 को जब राजधानी दिल्ली में शाहदरा से तीस हजारी के बीच पहली मेट्रो दौड़ी तो यूपी समेत दूसरे राज्यों के लिए भी उम्मीद की किरण जाग उठी। यूपी के लोगों ने भी एक सपना देखा कि उनके शहरों में भी मेट्रो चले। हालांकि करीब 15 साल का ये इंतजार काफी लंबा रहा। यूपी में पहली मेट्रो साल 2017 में राजधानी लखनऊ में चलाई गई। फिलहाल यूपी के 6 शहरों के लोगों की जिंदगी मेट्रो चलने से बहुत आसान हो गई है। अब संगम नगरी प्रयागराज में भी जल्द मेट्रो दौड़ने जा रही है।
प्रयागराज में जल्द दौड़ेगी मेट्रो
प्रयागराज में मेट्रो का ट्रैक बिछाने का काम जल्द शुरू किया जाएगा। संगम नगरी में मेट्रो करीब 65 किमी के दायरे में चलाई जाएगी। इसके लिए करीब 45 मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे। इसका मुख्य स्टेशन होगा परेड मैदान में। खास बात यह भी है कि प्रयागराज मेट्रो 30 किमी तक सैन्य क्षेत्र से होकर गुजरेगी।
संगम नगरी में मेट्रो के 45 स्टेशन बनेंगे
मेट्रो का दायरा बढ़ाए जाने से सबसे ज्यादा राहत मिलेगी संगम और एयरपोर्ट क्षेत्र के लोगों को। दरअसल पहले प्रयागराज में लाइट मेट्रो चलाए जाने की योजना थी। उस दौरान तय किया गया था कि इसे 44 किमी तक चलाया जाएगा। लेकिन जब ये तय हुआ कि लाइट मेट्रो के बजाय आधुनिक मेट्रो चलाई जाएगी तो इसका दायरा 21 किमी और बढ़ गया। वहीं स्टेशन भी 39 से बढ़ाकर 45 कर दिए गए।
प्रयागराज मेट्रो रूट जानें
प्रयागराज में दो रूट्स पर मेट्रो का संचालन किया जाएगा। जिससे न सिर्फ शहर के लोगों को ट्रैफिक से निजात मिलेगी बल्कि आवाजाही भी आसान हो जाएगा।
पहला रूट- बमरौली से सिटी लेक झूंसी तक दूसरा रूट- शांतिपुरम से छिवकी तक
बता दें कि नए रूट पर मेट्रो ट्रैक के लिए सर्वे शुरू कर दिया गया है। नवंबर से दिसंबर के आसपास ट्रैक का काम शुरू हो सकता है। ये मेट्रो प्रयागराज में सुलेमसरायं, बमरौली, एयरपोर्ट क्षेत्र, परेड़ मैदान, छिवकी जैसे इलाकों से होकर गुजरेगी।
महाकुंभ 2027 से पहले अपग्रेड होगी प्रयागराज की कनेक्टिविटी
सीएम योगी ने प्रयागराज में आयोजित नॉर्थ टेक सिम्पोजियम 2026 में कहा था कि प्रयागराज को हम सिर्फ सड़क मार्ग से ही नहीं, बल्कि रेलवे, मेट्रो (लाइट मेट्रो/रोपवे प्रस्तावों सहित) और एयर कनेक्टिविटी के एक बेहतरीन मॉडल के रूप में जोड़ रहे हैं। यूपी अब बीमारू राज्य की छवि से बाहर निकलकर देश का 'ग्रोथ इंजन' बन चुका है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि महाकुंभ 2027 से पहले प्रयागराज की पूरी आंतरिक और बाहरी कनेक्टिविटी को अपग्रेड किया जा रहा है।
यूपी में कहां-कहां चल रही मेट्रो ?
यूपी के 6 शहरों में वर्तमान में मेट्रो संचालित की जा रही है। इसका फायदा यात्रियों को खूब मिल रहा है।
लखनऊ- अमौसी एयरपोर्ट से मुंशीपुलिया तक पहली लाइन पूरी तरह सक्रिय है। चारबाग से वसंत कुंज (ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर) के विस्तार को भी मंजूरी मिल गई है।
गाजियाबाद- यहां तक दिल्ली मेट्रो की ब्लू और रेड लाइना का नेटवर्क फैला हुआ है। दिल्ली-मेरठ 'नमो भारत' रैपिड रेल भी यहां से होकर गुजरती है।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा- दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन के साथ ही नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (NMRC) की एक्वा लाइन इस रूट पर चल रही है।
कानपुर- IIT कानपुर से मोती झील तक मेट्रो चल रही है, अब कानपुर सेंट्रल तक इसके अंडरग्राउंड फेज का भी विस्तार हो गया है।
आगरा- आगरा में भी मेट्रो शुरू हो गई है। इसके दूसरे कॉरिडोर आगरा कैंट से कालिंदी विहार का काम भी तेजी से चल रहा है।
मेरठ- मेरठ में 'नमो भारत' रैपिड रेल के साथ ही स्थानीय मेट्रो का परिचालन भी कुछ हिस्सों में शुरू हो गया है।
यूपी के इन शहरों में भी जल्द दौड़ेगी मेट्रो
उत्तर प्रदेश के 4 प्रमुख शहरों में मेट्रो परियोजनाएं का काम प्रस्तावित और अंतिम चरण में है। गोरखपुर में मेट्रोलाइट/लाइट मेट्रो' सिस्टम प्रस्तावित है। यह शहर के मुख्य रूट्स को जोड़ेगी। वाराणसी में मेट्रो धार्मिक और पर्यटन के लिहाज से बहुत अहम है। बड़े मेट्रो रेल नेटवर्क का खाका तैयार किया जा चुका है। प्रयागराज में पहले 'मेट्रोलाइट' की प्लानिंग थी। लेकिन अब इसे बदलकर मॉर्डन मेट्रो सिस्टम के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। आने वाले समय में बरेली, मुरादाबाद, झांसी, अलीगढ़ और सहारनपुर जैसे टियर-2 शहरों में भी मेट्रो चलाए जाने की योजना पर विचार किया जा रहा है।