चंडीगढ़ः पंजाब में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ताजा कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर राज्य के व्यापारियों को परेशान कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब का कारोबारी वर्ग राज्य की आर्थिक मजबूती का आधार है और उस पर किसी प्रकार का राजनीतिक दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में कहा कि पंजाब के व्यापारी, विशेषकर हिंदू समुदाय से जुड़े कारोबारी, राज्य के विकास और समृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय एजेंसियों के जरिए उन्हें निशाना बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
ईडी की कार्रवाई पर उठाए सवाल
आम आदमी पार्टी लंबे समय से भाजपा पर केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाती रही है। इसी क्रम में भगवंत मान ने कहा कि एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए नहीं होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि दबाव की राजनीति के जरिए लोगों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन पंजाब के लोग ऐसी रणनीतियों को स्वीकार नहीं करेंगे।
जीएसटी धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग जांच में छापे
दूसरी ओर, ईडी ने कथित 100 करोड़ रुपये के जीएसटी धोखाधड़ी मामले से जुड़े धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) की जांच के तहत मंगलवार को कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई पंजाब सरकार के पूर्व मंत्री संजीव अरोड़ा और कुछ अन्य लोगों से जुड़े मामले में की गई।
जांच एजेंसी ने पंजाब के जालंधर और लुधियाना के अलावा उत्तर प्रदेश के बरेली और नोएडा में स्थित करीब छह परिसरों पर एक साथ छापेमारी की।
पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी
62 वर्षीय संजीव अरोड़ा को ईडी ने पिछले महीने गिरफ्तार किया था। इससे पहले चंडीगढ़ स्थित उनके आधिकारिक आवास पर पूरे दिन चली तलाशी ली गई थी। वर्तमान में वह न्यायिक हिरासत में हैं।
अरोड़ा पंजाब सरकार में बिजली, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री के रूप में कार्यरत थे। उनकी गिरफ्तारी के बाद राज्य सरकार ने उनके सभी विभाग अन्य मंत्रियों को सौंप दिए थे।
लुधियाना के प्रमुख उद्योगपति रहे संजीव अरोड़ा को पंजाब में आम आदमी पार्टी का एक प्रमुख हिंदू चेहरा माना जाता है। व्यापारिक क्षेत्र में उनकी मजबूत पहचान रही है और पार्टी के विस्तार में भी उनकी भूमिका अहम मानी जाती रही है।
जांच और राजनीति दोनों पर नजर
ईडी की नई कार्रवाई और मुख्यमंत्री के तीखे बयान के बाद यह मामला केवल जांच तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि राजनीतिक बहस का विषय भी बन गया है। एक ओर जांच एजेंसी वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की पड़ताल कर रही है, वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार इसे राजनीतिक दबाव की रणनीति के रूप में पेश कर रही है।
आने वाले दिनों में जांच की प्रगति और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं इस मामले को और चर्चा में रख सकती हैं।