पटनाः 21 जून को होने वाली नीट-यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा से पहले बिहार पुलिस ने छात्रों और उनके अभिभावकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। पुलिस ने आगाह किया है कि कुछ साइबर ठग और असामाजिक तत्व परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र या उत्तर उपलब्ध कराने का झांसा देकर लोगों को ठगने की कोशिश कर सकते हैं।
राज्य पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने कहा है कि अभ्यर्थी और उनके परिवार किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना, सोशल मीडिया अफवाह या संदिग्ध फोन कॉल पर भरोसा न करें।
परीक्षा की निष्पक्षता बिगाड़ने की हो सकती है कोशिश
ईओयू द्वारा जारी परामर्श में कहा गया है कि कुछ साइबर अपराधी आगामी परीक्षा को लेकर फर्जी दावे कर सकते हैं और प्रश्नपत्र लीक या उत्तर उपलब्ध कराने का लालच देकर लोगों को जाल में फंसा सकते हैं। ऐसे प्रयास परीक्षा की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से किए जा सकते हैं।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें ऐसी कोई सूचना, संदेश या कॉल प्राप्त हो तो तत्काल इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को दें।
दोषियों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रश्नपत्र लीक, परीक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी बेचने या इस तरह की अफवाह फैलाने जैसी गतिविधियों में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में आपराधिक मुकदमा दर्ज कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
21 जून को होगा नीट-यूजी का पुनर्परीक्षण
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने हाल ही में घोषणा की थी कि नीट-यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी। इससे पहले 3 मई को हुई परीक्षा कथित प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दी गई थी। इस मामले की जांच फिलहाल केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) कर रही है।
पेपर लीक में मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी
आर्थिक अपराध इकाई ने इससे पहले नीट-यूजी 2024 पेपर लीक मामले के कथित मास्टरमाइंड संजीव कुमार सिंह उर्फ संजीव मुखिया को पटना से गिरफ्तार किया था। उस पर कई अन्य परीक्षा घोटालों में शामिल होने के भी आरोप हैं।
संजीव मुखिया का नाम बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की शिक्षक भर्ती परीक्षा (टीआरई-3) के प्रश्नपत्र लीक मामले में भी सामने आया था। यह परीक्षा मार्च 2024 में आयोजित की गई थी।
कई राज्यों तक फैला है नेटवर्क
पुलिस के अनुसार, संजीव मुखिया का नेटवर्क केवल बिहार तक सीमित नहीं है। उसका गिरोह उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान सहित कई राज्यों में सक्रिय रहा है। गिरोह पर हरियाणा पशु चिकित्सक भर्ती परीक्षा, हरियाणा अंग्रेजी शिक्षक भर्ती परीक्षा और उत्तर प्रदेश की कुछ प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक से जुड़े आरोप भी लगे हैं।
शिकायत के लिए जारी किए संपर्क
ईओयू ने कहा है कि यदि किसी व्यक्ति या संस्था की ओर से प्रश्नपत्र, उत्तर या परीक्षा में मदद के नाम पर कोई संदिग्ध प्रस्ताव मिलता है तो इसकी सूचना तुरंत दी जानी चाहिए।
लोग ई-मेल digeou-bih@gov.in पर शिकायत भेज सकते हैं। इसके अलावा मोबाइल नंबर 9031829067 पर भी सूचना साझा की जा सकती है।
अन्य भर्ती परीक्षाओं के लिए भी चेतावनी
ईओयू ने इसी तरह की सलाह बिहार होमगार्ड में क्लर्क पद की लिखित परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए भी जारी की है। यह परीक्षा 10 से 12 जून के बीच आयोजित होगी। वहीं 14 से 17 जून तक होने वाली सिपाही भर्ती परीक्षा के उम्मीदवारों को भी सतर्क रहने को कहा गया है।