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लालू-राबड़ी की सुरक्षा और आवास विवाद पर सियासत गरम, मीसा भारती ने सरकार पर साधा निशाना

पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की जेड-प्लस सुरक्षा वापस ली गई

पटना : राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की सांसद मीसा भारती ने अपने माता-पिता से सुरक्षा वापस लिए जाने और उन्हें आवास खाली करने के नोटिस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस कदम को बेरोजगारी और महंगाई जैसे गंभीर मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने की “साजिश” करार दिया है।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए राजद नेता मीसा भारती ने राज्य सरकार के इस निर्णय के पीछे की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा जो लोग रेल मंत्री रह चुके है मुख्यमंत्री रह चुके है और राबड़ी देवी, जो बिहार की पहली महिला मुख्यमंत्री रही हैं और वर्तमान में विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष हैं, उनका आवास उनसे खाली कराया जा रहा है और उनकी सुरक्षा भी वापस ले ली गई है।”

राज्यसभा सांसद मीसा भारती ने आगे आरोप लगाया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की नेतृत्व वाली राज्य सरकार इन कदमों के जरिए असल मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा बेरोजगारी और महंगाई बढ़ रही है और इन मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए यह सब किया जा रहा है। जनता सब देख रही है। यह विवाद तब सामने आया जब बिहार सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की जेड-प्लस सुरक्षा को घटा दिया।

इसी क्रम में, बिहार सरकार द्वारा जेड-प्लस सुरक्षा वापस लिए जाने के आदेश के बाद पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और लालू प्रसाद यादव ने पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड आवास के बाहर तैनात सभी शेष सुरक्षा कर्मियों को हटा दिया। ये सुरक्षा कर्मी संशोधित सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत वहां तैनात थे।

यह पूरा घटनाक्रम तब सामने आया जब बिहार सरकार ने राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास खाली करने का नोटिस दिया और यह आवास अब बिहार के मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित कर दिया गया है। राज्य सरकार के नोटिस में कहा गया है कि राबड़ी देवी को पहले ही उनके विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के पद के आधार पर हार्डिंग रोड स्थित वैकल्पिक सरकारी आवास आवंटित किया जा चुका है, लेकिन उन्होंने अभी तक वहां स्थानांतरण नहीं किया है।

इससे पहले बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शेखपुरा में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान पूर्व अधिकारियों द्वारा सरकारी आवास को निजी संपत्ति की तरह उपयोग करने की प्रथा की आलोचना की थी।

उन्होंने कहा था, “मुख्यमंत्री का आवास जनता का होता है। इसे किसी की निजी जागीर या पैतृक संपत्ति नहीं माना जा सकता।” उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल समाप्त होने के 24 घंटे के भीतर सरकारी आवास खाली कर दिया था।

10 सर्कुलर रोड बंगला अब बिहार के पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस बात पर जोर दिया कि सरकारी आवास केवल आधिकारिक उपयोग के लिए होता है और कार्यकाल समाप्त होने पर उसे तुरंत खाली किया जाना चाहिए।

वही आवास खाली करने के नोटिस पर प्रतिक्रिया देते हुए राबड़ी देवी ने पहले पत्रकारों से कहा था, “वे स्थान खाली कराने के लिए बल बुला सकते हैं, लेकिन मैं यह स्थान खाली नहीं करूंगी।

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