नई दिल्ली : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व योगासन चैंपियनशिप 2026 में भारत के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए इसे पूरे देश के लिए गर्व का विषय बताया है। उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों की यह उपलब्धि न केवल उनकी मेहनत और अनुशासन को दर्शाती है, बल्कि दुनिया भर में भारत की प्राचीन योग परंपरा की बढ़ती स्वीकार्यता का भी प्रमाण है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक संदेश साझा करते हुए भारत की ऐतिहासिक सफलता पर खुशी जताई। उन्होंने लिखा कि विश्व योगासन चैंपियनशिप 2026 में भारतीय खिलाड़ियों द्वारा कुल 114 पदक जीतना, जिनमें 102 स्वर्ण, 9 रजत और 3 कांस्य पदक शामिल हैं, देश के प्रत्येक नागरिक के लिए गर्व का विषय है।
उन्होंने कहा कि यह अभूतपूर्व उपलब्धि भारत के युवाओं के समर्पण, अनुशासन और निरंतर परिश्रम का प्रतीक है। साथ ही यह इस बात का भी प्रमाण है कि भारत की प्राचीन योग परंपरा को वैश्विक स्तर पर व्यापक मान्यता मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि योग की जन्मस्थली भारत ने एक बार फिर विश्वगुरु के रूप में अपनी सांस्कृतिक शक्ति और वैश्विक नेतृत्व को मजबूत किया है। उन्होंने विश्व योगासन चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करने वाले सभी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और आयोजकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।
पुष्कर सिंह धामी ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत के ये योग योद्धा भविष्य में भी देश का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर रोशन करते रहेंगे और राष्ट्र का गौरव बढ़ाने का काम करेंगे।
अहमदाबाद स्थित ईकेए एरिना में आयोजित पहली विश्व योगासन चैंपियनशिप में मेजबान भारत ने पूरी तरह अपना दबदबा कायम रखा। भारतीय दल ने कुल 114 पदक जीतकर प्रतियोगिता का समापन किया। इनमें 102 स्वर्ण पदक शामिल रहे, जो भारत की श्रेष्ठता को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।
पदक तालिका में दूसरे स्थान पर जापान रहा। जापान ने 3 स्वर्ण, 3 रजत और 5 कांस्य सहित कुल 11 पदक अपने नाम किए।
तीसरे स्थान पर अर्जेंटीना रहा। अर्जेंटीना की एकमात्र प्रतिभागी नबिला बराज़ा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 2 स्वर्ण और 3 रजत पदक जीतकर अपने देश को तीसरा स्थान दिलाया।
भारत के पड़ोसी देश नेपाल ने पदकों की संख्या के मामले में दूसरा सबसे सफल दल होने का गौरव हासिल किया। नेपाल ने 1 स्वर्ण, 36 रजत और 15 कांस्य सहित कुल 52 पदक जीते और पदक तालिका में पांचवें स्थान पर रहा।
उज़्बेकिस्तान ने 1 स्वर्ण, 13 रजत और 11 कांस्य सहित कुल 25 पदक जीतकर उल्लेखनीय प्रदर्शन किया।
इस ऐतिहासिक प्रतियोगिता में दुनिया के 79 देशों के कुल 522 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इनमें से 31 देशों के खिलाड़ियों ने कम से कम एक पदक जीतने में सफलता हासिल की, जबकि 10 देशों ने कम से कम एक स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
विश्व योगासन चैंपियनशिप के पहले संस्करण में भारत का यह प्रदर्शन योग के क्षेत्र में उसकी वैश्विक नेतृत्व क्षमता और खेल कौशल का मजबूत प्रमाण माना जा रहा है।