कोलकाता : कोलकाता नाइट राइडर्स के मुख्य कोच अभिषेक नायर ने टीम के स्टार स्पिनर वरुण चक्रवर्ती की जमकर तारीफ की है। उन्होंने खुलकर बताया कि मौजूदा इंडियन प्रीमियर लीग सीजन के दौरान वरुण लगातार चोटों से जूझते रहे, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने टीम के लिए खेलना नहीं छोड़ा।
अभिषेक नायर के अनुसार, इस सीजन में वरुण चक्रवर्ती को कई बार चोट लगी। पहले उनकी उंगलियों में चोट आई और बाद में पैर की उंगली भी घायल हो गई। इसके बावजूद उन्होंने दर्द सहते हुए लगातार मैदान पर उतरकर टीम के लिए योगदान दिया। कोच का मानना है कि यही जुझारूपन उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाता है।
चोट के बावजूद मैदान पर डटे रहे वरुण
अभिषेक नायर ने कहा कि इस टूर्नामेंट के दौरान वरुण पहले भी दो उंगलियों में चोट झेल चुके थे और अब उनके पैर की उंगली में भी समस्या हो गई है। उन्होंने कहा कि मैं हमेशा मानता हूं कि सबसे मजबूत मानसिकता वाले खिलाड़ी वही होते हैं, जो दर्द और कठिन परिस्थितियों से लड़कर आगे बढ़ते हैं। वरुण चक्रवर्ती बिल्कुल वैसे ही खिलाड़ी हैं। बाहर से देखने पर शायद वह बहुत सख्त इंसान नहीं लगते, लेकिन अंदर से वह बेहद प्रेरित खिलाड़ी हैं और इस फ्रेंचाइजी से गहरा जुड़ाव रखते हैं।
वरुण चक्रवर्ती का प्रदर्शन आईसीसी पुरुष टी-20 विश्व कप के बाद कुछ खास नहीं रहा था। इंडियन प्रीमियर लीग के शुरुआती मुकाबलों में भी वह लय में नजर नहीं आए। पहले दो मैचों में उन्हें एक भी विकेट नहीं मिला और उन्होंने 79 रन खर्च कर दिए। इसके बाद उंगली में चोट लगने के कारण उन्हें कुछ समय के लिए मैदान से बाहर भी रहना पड़ा।
हालांकि वरुण ने तेजी से वापसी की और महज 12 दिनों के भीतर फिर से 22 गज पर लौट आए। उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ मुकाबले में वापसी की। इसके बाद उनका प्रदर्शन लगातार बेहतर होता गया और उन्होंने टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।
केकेआर की जीत में निभाई बड़ी भूमिका
सीजन के अंतिम सात मुकाबलों में कोलकाता नाइट राइडर्स ने छह मैचों में जीत हासिल की और इस शानदार प्रदर्शन में वरुण चक्रवर्ती की गेंदबाजी बेहद महत्वपूर्ण रही। उन्होंने लगातार विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बनाया और टीम को कई अहम सफलताएं दिलाईं।
अभिषेक नायर ने कहा कि वरुण की सबसे बड़ी ताकत उनकी टीम के प्रति भावनात्मक जुड़ाव है। उन्होंने कहा कि वह हमारी टीम के पुराने और बेहद महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में से एक हैं। वह अच्छी तरह समझते हैं कि इस फ्रेंचाइजी का मतलब क्या है।
कोच ने आगे कहा कि वरुण इस टीम और इस शहर से बेहद प्यार करते हैं। यही वजह है कि उन्हें कभी मजबूर करके मैदान पर नहीं उतारना पड़ता। वह खुद खेलने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। कई बार चोटिल खिलाड़ी वापसी करने में समय लेते हैं, लेकिन वरुण हर बार जल्द मैदान पर लौटने के लिए उत्सुक दिखाई देते हैं।
दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ आखिरी लीग मैच
इंडियन प्रीमियर लीग 2026 सीजन में कोलकाता नाइट राइडर्स अपना आखिरी लीग मुकाबला दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ खेलेगी। हालांकि अन्य मैचों के नतीजों के आधार पर इस मुकाबले का महत्व कम भी हो सकता है।
फिर भी अभिषेक नायर ने साफ किया कि टीम की मानसिकता में किसी तरह का बदलाव नहीं आएगा। उन्होंने कहा, “हमारे समर्थक इस फ्रेंचाइजी से बेहद भावनात्मक रूप से जुड़े हुए हैं। इसलिए मुकाबला डेड रबर हो या नहीं, हमारी कोशिश हमेशा अच्छा क्रिकेट खेलने की रहेगी।”
उन्होंने आगे कहा कि टीम का हर खिलाड़ी सिर्फ फ्रेंचाइजी का ही नहीं, बल्कि खुद का भी प्रतिनिधित्व करता है। सभी खिलाड़ी अच्छा प्रभाव छोड़ना चाहते हैं। परिस्थिति कैसी भी हो, टीम का रवैया और खेलने का तरीका नहीं बदलेगा।