नई दिल्लीः शेयर बाजार में उतरने की तैयारी कर रही क्विक कॉमर्स कंपनी जेप्टो (Zepto) ने अपने अद्यतन ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (यूडीआरएचपी) में एक महत्वपूर्ण जानकारी का खुलासा किया है। कंपनी ने बताया है कि उसके सह-संस्थापक आदित पालीचा और कैवल्य वोहरा को इस वर्ष अप्रैल में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से समन भेजा गया था। यह समन विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA), 1999 के तहत चल रही एक प्रक्रिया के संबंध में जारी किया गया था।
कंपनी ने इस घटनाक्रम को अपने आईपीओ दस्तावेज में जोखिम संबंधी कारकों के तहत शामिल किया है, जिससे संभावित निवेशकों को इससे जुड़े तथ्यों की जानकारी मिल सके।
विदेशी निवेश से लेकर बैंक खातों की जांच
यूडीआरएचपी के अनुसार, ईडी (ED) ने दोनों संस्थापकों से कंपनी और व्यक्तिगत स्तर पर कई प्रकार की सूचनाएं और दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा था। इनमें विदेशी निवेश और विदेशों में किए गए निवेशों का विवरण, वित्त वर्ष 2020-21 से अब तक के ऑडिटेड वित्तीय विवरण, शेयरधारिता संरचना, ऋण और गारंटी संबंधी जानकारियां, आयकर रिटर्न, बैंक खातों का ब्यौरा तथा स्वामित्व वाली अचल संपत्तियों का विवरण शामिल था।
इसके अलावा एजेंसी ने कंपनी के बिजनेस मॉडल और संचालन प्रणाली पर भी विस्तृत नोट उपलब्ध कराने को कहा था।
अप्रैल और मई में ईडी के समक्ष हुए पेश
दस्तावेज में दर्ज जानकारी के मुताबिक, समन प्राप्त होने के बाद दोनों प्रमोटरों ने जांच एजेंसी के समक्ष निर्धारित तिथियों पर उपस्थित होकर मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराई।
कैवल्य वोहरा 17 अप्रैल और 22 अप्रैल 2026 को ईडी अधिकारियों के सामने पेश हुए, जबकि आदित पालीचा ने 20 अप्रैल और 15 मई 2026 को एजेंसी के समक्ष अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
कंपनी का कहना है कि दोनों संस्थापकों ने केवल मूल दस्तावेज ही नहीं, बल्कि बाद में एजेंसी द्वारा मांगी गई अतिरिक्त जानकारियां भी उपलब्ध कराईं। इनमें कंपनी की होल्डिंग संरचना, विभिन्न योजनाओं से जुड़े विवरण, व्यावसायिक अनुबंध, चालान और अन्य परिचालन संबंधी दस्तावेज शामिल थे।
कंपनी ने कहा- आगे की कार्रवाई से इनकार नहीं
जेप्टो ने अपने दस्तावेज में स्पष्ट किया है कि अब तक ईडी की ओर से कोई नया नोटिस, सवाल या आधिकारिक संचार प्राप्त नहीं हुआ है। हालांकि कंपनी ने यह भी स्वीकार किया है कि भविष्य में एजेंसी द्वारा और पूछताछ, औपचारिक जांच, कानूनी कार्यवाही या संभावित दंडात्मक कार्रवाई की संभावना को पूरी तरह नकारा नहीं जा सकता।
यही कारण है कि इस मामले को कंपनी ने निवेशकों के लिए एक संभावित जोखिम कारक के रूप में दर्ज किया है।
8,010 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में कंपनी
इस खुलासे के साथ ही जेप्टो ने अपने प्रस्तावित आईपीओ की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास अद्यतन ड्राफ्ट दस्तावेज दाखिल किए हैं।
कंपनी की योजना आईपीओ के जरिए 8,010 करोड़ रुपये की नई इक्विटी पूंजी जुटाने की है। इसके साथ-साथ मौजूदा निवेशक और शेयरधारक 11.35 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री पेशकश (ऑफर फॉर सेल-ओएफएस) भी लाएंगे।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, यह सार्वजनिक निर्गम भारत के तेजी से बढ़ते क्विक कॉमर्स क्षेत्र में सबसे चर्चित आईपीओ में से एक माना जा रहा है। ऐसे में कंपनी से जुड़ा हर नियामकीय और कारोबारी खुलासा निवेशकों की नजर में अहम बना हुआ है।